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रणजीत सागर झील के किनारे पहुँच रहे माइग्रेटेड विदेशी पक्षी

जुगियाल 9 दिसंबर( हैप्पी) 

: पठानकोट में हजारों किलोमीटर का सफर तय कर प्रवासी पक्षियों का रणजीत सागर बांध की झील में आना शुरू हो गया है। पिछले साल की तुलना में इस साल 4 गुना ज्यादा प्रवासी पक्षी आने की उम्मीद है। वन्यजीव विभाग इन पक्षियों का सर्वे कर रहा है, अब तक साइबेरियन पक्षियों की संख्या सात से आठ हज़ार के आसपास पहुंच गई हैं।जिस की जानकारी वन जीव संरक्षण विभाग के अधिकारी डीएफ़ओ परमजीत सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि वन्य जीव संरक्षण विभाग द्वारा इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा विभाग द्वारा सभी प्रवासी पक्षियों की गणना एवं निगरानी की जा रही है। रणजीत सागर बांध झील में इस साल पिछले साल की तुलना में 4 गुना ज्यादा प्रवासी पक्षी आए हैं।झील में विभिन्न प्रकार के पक्षी अपने भोजन की तलाश में रहते हैं क्योंकि इस समय मौसम ठीक है और साइबेरियाई पक्षियों की संख्या अधिक है। ये पक्षी साइबेरिया, रूस और यूक्रेन से भारत आते हैं और हजारों किलोमीटर का सफर तय करके भारत के पठानकोट पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि यह पक्षी हज़ारों किलोमीटर का सफ़र कई दिनों में तय करते हैं और हर दिन चलने से पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करते हैं। डीएफओ परमजीत सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस वर्ष प्रवासी पक्षियों की संख्या अधिक है। इस साल रणजीत सागर बांध की झील में करीब 7500 से 8000 प्रवासी पक्षी देखे गए हैं और रोज़ाना इनकी संख्या बढ़ रही है इसके पीछे वजह ये है कि इस साल झील का जलस्तर काफ़ी कम है और झील के किनारों पर हरियाली भी है जो इन पक्षियों की पहली पसंद है तथा इस बार मौसम उनके अनुकूल भी है। जिसके कारण इनकी संख्या अधिक है और वन्य जीव विभाग भी इस पर विशेष ध्यान दे रहा है।उन्होंने बताया कि यह पक्षी नवंबर के अंत और दिसंबर माह के शुरू में आते है जो फ़रवरी के अंत और मार्च के शुरू तक रहते है जो रणजीत सागर झील को मनमोहक बनाते हैं। उन्होंने बताया कि यह पक्षी हरि हरि घास तो पसंद करते हैं पर गेहूँ की फसल को नुक़सान नहीं पहुँचाते। यह पक्षी अपना भोजन सी- फ़ूड और झील के किनारे पर छोटी मछलियों को पर्याप्त मात्रा में ले लेते हैं और धूप का नजारा लेते हैं। वन जीव संरक्षण विभाग इनका ख़ास ख़याल रखता है ताकि कोई शरारती तत्व इनका शिकार न करे। जिस के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है जो रोज़ाना सर्वेक्षण के साथ साथ रोज़ाना इन पर नज़र रखे हुए हैं।

फ़ोटो 1,2,3 रणजीत सागर झील के किनारे पहुँचे विदेशी पक्षी।

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