शाहपुर कंडी (हैप्पी)
: 14 साल की उम्र में गलत ऑपरेशन की वजह से अपनी आंखों की रोशनी गवाने वाले शाहपुर कंडी निवासी दानिश महाजन को वर्ल्ड डिसेबिलिटी डे पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रेष्ठ जन केटेगरी पर दृष्टि बाधित दिव्यांगता श्रेणी अवार्ड दिया है। यह अवार्ड हासिल करके दानिश महाजन ने देश और अपने जिले का नाम रोशन किया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए धार ब्लॉक के गांव शाहपुर कंडी निवासी दानिश महाजन ने बताया कि 14 साल की उम्र में गलत ऑपरेशन होने के कारण उसकी आंखों की रोशनी चली गई ।वह शिक्षा प्राप्त करने के लिए कई स्कूलों में गया लेकिन सभी स्कूलों ने आंखों की रोशनी ना होने के चलते उसे शिक्षा देने से मना कर दिया। 4 साल बाद उसने अमृतसर में आंखों के माहिर डॉक्टर प्रीतम से मशवरा किया। जिन्होंने उसे बताया कि वह भी शिक्षा प्राप्त कर सकता है । इसके बाद वह अमृतसर ब्लाइंड स्कूल गया जहां से उन्हें रेफर करके लुधियाना में बीआरटीसी ट्रेनिंग सेंटर में भेज दिया गया। इस ट्रेनिंग सेंटर में जाकर उसे पता चला कि ब्लाइंड लोग जीवन में कुछ भी कर सकते हैं ।उसके बाद उसने जीवन में कुछ करने की ठान ली लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। दानिश महाजन ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में जाकर उसने कड़ी मेहनत की और 10 डिसेबिलिटी केटेगरी पंजाब में टॉप किया। उसके बाद उसे धीरूभाई अंबानी स्कॉलरशिप रिलायंस फाउंडेशन से स्कॉलरशिप मिली । वर्ष 2010 में उसे मंडी बोर्ड पंजाब में सरकारी नौकरी मिल गई। दानिश महाजन ने बताया कि सरकारी नौकरी मिलने पर उसे पैसे तो आने लगे लेकिन उसका मकसद जीवन में कुछ और था। इसके बाद उसने वर्ष 2011-12 में नेशनल कंपटीशन करवाया जिसमें इंडिया लेवल के ब्लाइंड और अन्य कैटिगरी के बच्चों में चैस,म्यूजिक, क्विज और डिबेट मुकाबले करवाए गए। दानिश महाजन ने बताया कि उसके बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर रेडियो उड़ान के नाम से रेडियो चैनल खोला और हर हफ्ते डिसएबल लोगों के लिए चैनल के माध्यम से हर प्रकार की जानकारी उन तक पहुंचानी शुरू कर दी । उन्होंने बताया कि डिसएबल लोगों को प्लेटफार्म देने के लिए वह हर वर्ष इंडिया लेवल पर एक कार्यक्रम करवाते हैं जो करीब 120 देश में सुना जाता है। उनके रेडियो चैनल को सुनने वाले करीब 1 लाख श्रोता हैं। इसके अलावा उनकी ओर से कई डिसएबल लोगों की शादियां भी करवाई गई हैं और उन्हें नौकरियां भी दिलवाई गई हैं। दानिश महाजन ने बताया कि इसी वर्ष 15 अगस्त को राष्ट्रपति ने उन्हें अपने घर पर डिनर पर बुलाया था जहां पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति में मौजूद थे।








