पठानकोट / बटाला (अविनाश शर्मा)
बिरहा के सुल्तान शिव बटालवी की 50वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष में एक विचार गोष्ठी एवं कवि दरबार का किया गया आयोजन
9 मई : साहित्य सभा की ओर से स्थानीय रैन बसेरा निकट सिविल अस्पताल मैं प्रधान बी आर गुप्ता की अध्यक्षता में विरह के सुल्तान शिव बटालवी की 50 वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में एक विचार गोष्ठी एवम् कवि दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें ज़िला भाषा अधिकारी डा. सुरेश मेहता मुख्यातिथि के रूप में और शिव बटालवी के चचेरे भाई डा धर्म पाल शर्मा और रिश्ते में चाचा जी तिलक राज शर्मा विशेष तौर पर उपस्थित हुए और सभा की ओर से उनका पुष्प मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यकर्म का शुभ आरंभ सतीश वशिष्ट ने सरस्वती वंदना से किया गया। अध्य्क्ष गुप्ता ने सभी अभिनंदन अपने चिर परिचित शायराना अंदाज़ में किया और शिव बटालवी से संबंधित पुरानी यादों को सांझा कर कार्यक्रम को रोचक बना दिया.. इस अवसर पर डा रूपिंदर कौर (आर्या महिला कॉलेज), डा. संदीप कौर(ए बी कॉलेज)डा. सुखविंद्र सिंह, महासचिव (गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी कॉलेज,सुजानपुर), डा. लेख राज अध्य्क्ष दिशा साहित्य मंच, सुजानपुर, आदि ने अपने अपने वक्तव्य में शिव को पंजाबी मां बोली का महान कवि बताते हुए उसकी छोटी आयू में ही बड़ी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।अपनी मधुर आवाज़ में कवि बिशन दास बिशन और सतीश वशिष्ट ने कविताएं प्रस्तुत कर समा बांधा।इस अवसर पर पर ज़िला भाषा अधिकारी श्री मेहता ने साहित्य सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि ईश्वर ने शिव को जहां बहुत सुंदर काया और आवाज़ से बक्शा वहीं शिव ने अपनी शायरी की प्रतिभा से छोटी आयु में ही साहित्य के शिखरों को छुआ.. उन्होंने कहा कि वारिस शाह के बाद शिव ही है जो सदियों तक अपनी रचनाओं में जीवित रहेगा और लोगों के दिलों पर राज करेगा।इस अवसर पर सभा के कनविनर डाक बांका बहादुर अरोड़ा ने बहुत ही रोचक ढंग से मंच संचालन कर समागम को चार चांद लगाए। इस अवसर पर साहित्यकार गोपाल शर्मा, सतिंदर वालिया आदि ने भी कविता पेश की..अंत में सभा के कोषाध्यक्ष रमन गुप्ता ने सभा की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और सभी का धन्यवाद किया।इस अवसर पर सभा की ओर से मुख्य अतिथि डाक सुरेश मेहता को शॉल और समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सुनील चोपड़ा अध्यक्ष भारत विकास परिषद्, पठानकोट,,अनुज शर्मा,राजेश कुमार खोज अफसर भाषा विभाग, सुरिंदर महाजन, इंजीनियर एस एल गुप्ता, कमल पंत, एन पी धवन,दविंदर पंडित,विमल छाबड़ा, तीरथ शर्मा,सैली बलजीत, प्रिंसिपल के वी चोपड़ा, प्रिंसिपल संतोष महाजन, नरेश दीना नगरी आदि उपस्थित थे।








