चंडीगढ़ (PPT NEWS)
सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों व पेंशनरों से सौतेली मां जैसा व्यवहार कर रही सरकार : सैनी,चाहल
मांगें पूरी नहीं होने पर 7 जनवरी को मुख्यमंत्री के क्षेत्र में राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा
26 दिसंबर : पंजाब स्टेट गवर्नमेंट एडेड टीचर्स एंड अदर एम्पलाइज यूनियन और पंजाब एडेड स्कूल पेंशनर्स एसोसिएशन के आमंत्रण पर आज राज्य के हजारों शिक्षकों और पेंशनरों ने छठे वेतनमान की सिफारिशों को लागू करने के लिए डीपीआई (एस.एस.) कार्यालय के सामने धरना दिया। इस मौके पर खचाखच भरी भीड़ को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एन एन सैनी और पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गुरचरण सिंह चहल ने कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों और पेंशनरों को कानूनी समानता होने के बावजूद पंजाब सरकार ने अभी तक उन्हें छठा वेतन आयोग का लाभ नहीं दिया गया.उन्होंने कहा कि सरकार सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के साथ हर स्तर पर सौतेली मां जैसा व्यवहार कर रही है. यूनियन के नेताओं ने कहा कि आप पार्टी ने चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में सरकारी स्कूलों की सभी सुविधाएं सहायता प्राप्त स्कूलों के कर्मचारियों को देने का वादा किया था और न ही दो साल से डीपीआई (एस) कार्यालय में लंबित पेंशन मामलों का सरकार ने समाधान किया. उन्होंने कहा कि यूनियन द्वारा शिक्षा मंत्री समेत आप के सभी विधायकों को मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र देने के बावजूद सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने भी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों व पेंशनधारियों को छठे वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने के लिए समाचार पत्रों में झूठे विज्ञापन दिए थे.अब वर्तमान सरकार भी मांगों को अनसुना कर रही है.इस कारण यूनियन ठंड और शहादत के दिनों में मजबूर है, हमें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। इस मौके पर नेताओं ने मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से अपील की कि वे यूनियन को बैठक के लिए समय दें और छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ दें जिसमें शिक्षक और अन्य सभी कर्मचारी शामिल हैं. सहायता प्राप्त विद्यालयों के कर्मचारी और पेंशनरों को
एडीड स्कूल के शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों सहित पेंशनरों की ओर से घोषणा करते हुए नेताओं ने कहा कि सीएंडवी और ड्राइंग टीचरों के विकल्प के मामले और पेंशन के मामले भी डीपीआई कार्यालय में 2 साल से लम्बित हैं. एडिड स्कूल तबादला नीति को लेकर सरकार ने कुछ भी नहीं किया है, जिससे एडिड स्कूलों की दयनीय स्थिति हो गई है। यूनियन नेताओं ने कहा कि बातचीत के समय यदि सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो एक 7 जनवरी को मुख्यमंत्री के शहर संगरूर में बड़ा धरना दिया जाएगा।इस अवसर पर पंजाब के विभिन्न जिलों के शिक्षकों और पेंशनरों, विशेषकर महिला शिक्षकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। डॉ. गुरमीत सिंह नवांशहर, गुरमीत सिंह मदनीपुर लुधियाना, रूपिंदर सिंह होशियारपुर, अशोक वढेरा फिरोजपुर, के.के. जोशी लुधियाना, चमकौर सिंह लुधियाना, रमेश चंद शास्त्री आनंदपुर साहिब, बीएस राणा मोगा, खजान सिंह, शरणजीत सिंह मोहाली, दलजीत सिंह खरड़, यादविंदर कुमार कुराली, राज कुमार मिश्रा, हरदीप सिंह, अश्वनी मदान नाभा, दिनेश शर्मा, हरविंदर पाल, अनिल भारती, पटियाला सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।








