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राज्यपाल द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सीमावर्ती जिलों के महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा

राज्यपाल द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सीमावर्ती जिलों के महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा

सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए सभी स्तरों पर सतत प्रयास और प्रतिबद्धता अनिवार्य – बनवारीलाल पुरोहित

पठानकोट 12 अप्रैल (अविनाश )  पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सीमावर्ती जिले पठानकोट,गुरदासपुर,अमृतसर और तरन तारन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों का जायजा लेने के लिए आज कई बैठकें कीं।

इस बैठक में बीएसएफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, नेशनल इन्वेस्टिंग एजेंसी, सेना के सैन्य खुफिया विभाग सहित केंद्र सरकार की एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, स.हरबीर सिंह उपायुक्त और सुरेन्द्रा लांबा एसएसपी ने भाग लिया।
इन बैठकों में सीमावर्ती जिलों से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों को उठाया गया और सभी एजेंसियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

इससे पहले राज्यपाल ने पठानकोट ‌‌‌ जिले के जिला प्रबंधकीय कंपलेक्स में पंचों- सरपंचोंऔर अन प्रमुख नागरिकों के साथ एक बैठक को संबोधित किया जिसके बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में लोगों से सीमा सुरक्षा बलों की ‘आंखें और कान’ बनकर पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमा पर ड्रोनों द्वारा हथियार और गोला-बारूद गिराने की पिछली घटनाओं के कारण सभी संबंधित पक्षों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल अपना काम कर रहे हैं लेकिन स्थानीय तौर पर उपलब्ध खुफिया जानकारी और सहायोग राज्य में हथियारों और नशीले पदार्थों की आमद को रोकने में काफी सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले अवैध हथियारों की तस्करी के खतरे की गिरफ्त में हैं। इसलिए, यह अनिवार्य है कि राज्य और देश की रक्षा व सुरक्षा हेतु लोग सीमा सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस का पूरे दिल से साथ दें और अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की तुरंत सूचना दें। उन्होंने लोगों से अपने क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए स्थानीय अधिकारियों का सहयोग करने की भी अपील की।राज्य में नशीले पदार्थों की आमद किसी युद्ध से कम नहीं है; यह पंजाब की जनता पर एक जानलेवा हमला है।

राज्यपाल ने कहा कि सीमाओं के रास्ते देश में प्रवेश करने वाले नशीले पदार्थ शहरों, कस्बों, स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंचते हैैं। युवाओं को नशीले पदार्थों की आपूर्ति हमारी भावी पीढ़ी और हमारे भविष्य पर सीधा हमला है। हम इस खतरे को अपने राज्य के वर्तमान को बर्बाद या इसके भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति कतई नहीं दे सकते।

राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि हमें एक दूसरे का साथ देने और हर तरह की घुसपैठ के खिलाफ अपनी सीमा को सील करने की जरूरत है। सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा हर स्तर पर लोगों, राज्य सरकार की एजेंसियों और केंद्र सरकार की एजेंसियों के ठोस और निरंतर सहयोग से ही सुनिश्चित की जा सकती है।

श्री बनवारीलाल पुरोहित ने कहा कि “अवैध वस्तुओं व नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए हम सभी को प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है।’’

राज्यपाल के अभिभाषण में इस बात पर भी जोर दिया गया कि केंद्र और राज्य की सभी एजेंसियों को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए और नियमित रूप से गुप्त जानकारी व सूचनाओं का आदान-प्रदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे जनता के समर्थन से पूरा करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘सीमा को सुरक्षित करने के लिए संयुक्त प्रयास और दृढ़ संकल्प’ निश्चित रूप से सफल साबित होंगे।
इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को भी प्रेरित किया और सीमाओं की रक्षा में उनकी प्रतिबद्धता और वीरता की सराहना की।

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