पठानकोट (तरूण सन्होत्रा)
हिन्दू बैंक खाता धारकों की संघर्ष समिति द्वारा बैंक प्रशासन के विरुद्ध चलाया जा रहा धरना प्रदर्शन 80 वे में पहुंचा
चेतावनी देते हुए कहा 10 अक्टूबर को पैसा निकालने की आज्ञा न दी गई तो अगले दिन से हर डायरेक्टर्स के घर के बाहर दिया जायेगा भारी धरना प्रदर्शन
30,सिंतबर : हिन्दू कोआपरेटिव बैंक खाता धारकों की संघर्ष समिति की ओर से बैंक प्रशासन के खिलाफ चलाया जा रहा धरना प्रदर्शन आज 80 वें दिन में पंहुच चुका है।आज भी भारी संख्या में खाता धारकों ने बैंक प्रशासन और सरकार के विरुद्ध अपना रोष प्रकट किया।तो वहीं संघर्ष समिति ने अध्यक्ष रजत बाली और मुख्य सलाहकार समरिंद्र शर्मा के नेतृत्व में बैंक अधिकारी राजीव सिंह से मुलाकात की और उनसे यह जानना चाहा की जबकि रिजर्व बैंक ने 14अक्टूबर 2021 को बैंक से सारी पाबंदियां हटा ली थी तो किस के आर्डर से खाता धारकों को अपने खाते से पैसे नहीं निकालने की आज्ञा दी गई है। लेकिन बैंक अधिकारी के पास इसका कोई सटीक जवाब नहीं था और वो दूसरी बातो में उलझा कर जवाब टालते रहे। इस पर बैठक में काफी बहस हुई और सभी ने अपनी अपनी बात बैंक अधिकारी को बताने का प्रयास किया। बैंक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 10 अक्टूबर को अपनी मीटिंग बुलाई है और उसमे आशा है कि बैंक से पैसों के लेन देन पर कोई निर्णय लिया जायेगा। बैंक अधिकारी के बार बार आग्रह करने पर संघर्ष समिति ने यह फैसला किया कि 10 अक्टूबर तक धरना प्रदर्शन स्थगित किया जाता है, लेकिन संघर्ष समिति ने बैंक अधिकारी से कहा कि संघर्ष समीति की तरफ से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को चेतावनी दी जाए कि अगर 10 अक्टूबर को खाता धारकों को पैसा निकालने की आज्ञा न दी गई तो अगले दिन से हर डायरेक्टर्स के घर के बाहर भारी धरना प्रदर्शन और पिट स्यापा किया जायेगा चाहे आप चेयरमैन चुनो या ना चुनो। उस धरना प्रदर्शन और पिट स्यापा की सारी जिम्मेदारी बैंक प्रशासन और बोर्ड आफ डायरेक्टर की होगी।यह संघर्ष समिति की बोर्ड आफ डायरेक्टर को चेतावनी है। रजत बाली ने आगे कहा कि संघर्ष समिति ने रिजर्व बैंक और पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत मान को भी 10 अगस्त 2022 को पत्र लिख कर बैंक से लेन देन शुरू करने का आग्रह किया था पर अफसोस कि दोनो की तरफ से कोई भी जवाब नहीं आया और न ही कोई कार्यवाही की गई।इस मौके रजत बाली,समरिंदर शर्मा,बी. आर . गर्ग,धर्म पाल पुरी,वरिंद्र सागर, अमर सिंह,अशोक शर्मा,निर्मल कैला,किशोर कुमार,शाम लाल, भारत भूषण पुरी,चाचा अशोक और नील कमल बाली आदि मौजूद थे।








