बटाला 5 नवंबर ( अविनाश शर्मा )
: दाना मंडियों में किसानों एवं मजदूरों के हो रहे शोषण को लेकर आज शिरोमणी अकाली दल बटाला के हल्का इंचार्ज नरेश महाजन ने पार्टी दिशा निर्देश अनुसार तहसील काम्प्लेक्स बटाला में रोष प्रदर्शन किया। जिसमें जिला प्रधान रमनदीप संधु सहित पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और पंजाब सरकार की किसानों के प्रति नजरअंदाजी के खिलाफ तीखी नारेबाजी की और सरकार के नाम एसडीएम दफ्तर में एक मेमोरेंडम दिया।
जानकारी के अनुसार शिरोमणि अकाली दल के आदेश पर एसडीएम दफ्तर के आगे ठीक 11 बजे हलका इंचार्ज नरेश महाजन के नेतृत्व में धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया, जिसमे जिला देहाती प्रधान रमनदीप संधु, शुगरफेड के पूर्व चेयरमैन सुखबीर सिंह वाहला, एसजीपीसी मेंबर गुरनाम सिंह जससल बड़े जथो के साथ प्रदर्शन में शामिल हुवे। धरने में सबोधित करते हुवे नरेश महाजन ने कहा कि पहले भी दूसरी पार्टियों की सरकारों के समय किसान सड़कों पर अपनी मांगो को मनवाने के लिए उतरना पडता था, लेकिन आम आदमी पार्टी की इस सरकार ने तो किसानों की नजरअंदाजी की सभी हदे पार कर दी है, जिस कारण लगातार किसान अपनी मांगो को मनवाने के लिए डटे हुवे है, इसलिए सरकार को चेतावनी चेतावनी देते हुए महाजन ने कहा कि अगर किसानों की फसलों का पूरा समर्थन मूल्य नहीं दिया गया तो शिरोमणी अकाली दल अपना संघर्ष और तेज कर देगी। इस अवसर पर रमनदीप संधु जिला प्रधान ने कहा कि बहुत ही दुख की बात है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार किसानों और ख़ासकर किसानी को खत्म करने की राह पर चल रही है, जिसको कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा. इसलिए सारी अकाली दल किसानों के साथ है, सरकार के मन्सुबो को कभी पूरा नहीं होने देगी, जिसके लिए अकाली दल को किसानों के साथ लगातार सड़कों पर भी बैठना पड़े तो पीछे नहीं हटा जाएगा. स्त्री अकाली दल की जिला प्रधान गीता शर्मा ने कहा कि पंजाब की आप सरकार से हर वर्ग दुखी है, लोग आप को वोट डाल कर अब पछता रहे है, जिसमे हमारे अनदाता किसान तो सबसे ज्यादा दुखी है, इसलिए सरकार को चेतावनी दी जाती है कि अगर जल्द किसानों के बारे सरकार ने कोई फैसला नहीं किया तो संघर्ष तेज कर दिया जाएगा। इस अवसर पर शमशेर सिंह चीमा, बलविंदर चट्ठा, सुखदेव महाजन, सुरेश महाजन,बलराज सिंह कोटला मूसा, लखविनर सिंह घुमान, राज कुमार काली, राकेश, बंटी, उपकार सिंह, शीतल सिंह, अजित सिंह, कर्नल सिंह आदि उपस्थित थे।








