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भूख हडताल का 64 वाँ दिन : नौकरी से निकाले गए 32 कर्मचारियों ने अपनी भूख हडताल जारी रखी

जुगियाल (कमल कृष्ण हैप्पी) 

चेतावनी दी की यदि शीध्र ही उनको बहाल नहीं किया गया तो वह परिवारों सहित मरणब्रत शुरू करने के लिए विवश हो जाएगें

4 जुलाई : बांध प्रशासन की और से अलग अलग विभागों में नौकरी कर रहे 32 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर निकालने पर निकाले गए कर्मचारियों ने अपने परिवारों सहित थीन डैम वर्कर्ज यूनियन सीटीयू के प्रधान जसवंत संधू, बैराज बांध संघर्ष कमेटी के प्रधान बलकार सिंह व अन्य कई किसान नेताओं के नेतृत्व में डैमज प्रशासन के चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर विशाल रोष प्रदर्शन किया तथा निकाले गए कर्मचारियों में से पांच कर्मचारियो ने जिनमें नरेंन्द्र सिंह ,नरेश सिंह ,जितेन्द्र सिंह ,जसविंदर कुमार और ग़ुलाम नवी ने बहाली की मांग को लेकर 64वे दिन भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। वहीं पर भूख हड़ताल पर बैठे हुए कर्मचारियों को फूल मालाएं पहना कर उनका पूरा समर्थन किया गया। सीटीयू नेता जसवंत संधू व अन्य नेताओ ने बांध प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनको बिना शो काज नोटिस दिए सीधे ही नौकरी से निकाल दिया गया है, जो कि सरासर असवैंधानिक है तथा अब बांध प्रशासन उनकी कोई बात ही नहीं सुन रहा है। कर्मचारी नेताओं व किसान नेताओं ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने पिछले दस वर्षो से अधिक समय तक सरकार की सेवा की है, उनको बिना किसी कारण ही उनके नियुक्ति पत्रों को रद्द कर दिया गया है, जो कि उनकी सहनशक्ति से बाहर है रोष प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों व उनके पविवारों ने सरकार से मांग की है कि उनकी सर्विस को बहाल किया जाए तथा उनको फिर से नौकरी पर लगाया जाए नहीं तो वह परिवारों सहित मरण ब्रत शुरू करने के लिए विवश हो जाएगें, जिसकी पूरी जिम्मेदारीबांध प्रशासन की होगी। इस अवसर पर गुरप्रीत सिंह, लियाकत अलि, बलवीर सिंह, नितिश सिंह, योगेश सिंह, गुलाम नवी, बलविंद्र सिंह व अन्य कई कर्मचारी अपने परिवारों सहित उपस्थित थे।

फ़ोटो:  चीफ़ कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन करते हुए बैराज औसती।

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