पठानकोट (अविनाश शर्मा / तरुण)
चंडीगढ़ से पहुंची स्टेट टीम ने डेंगू की स्थिति को जांचा, कहा लोग नहीं कर रहे है सहयोग
7 निकले पॉजिटिव आंकड़ा बढ़कर हुआ 440
18 अक्तूबर : मंगलवार को सिविल अस्पताल में लिए गए एलिजा टैस्ट में से 7 लोग पॉजिटिव पाए गए जिसमें 10 वर्षीय बच्ची भी शामिल है। इसके अतिरिक्त तीन महिलाएं व तीन पुरुष भी पॉजिटिव पाए गए जो स्थानीय गांव चक्कमाधो सिंह, सुजानपुर, डलहोजी रोड, बैंक कालोनी, आदर्श कालोनी व बसंत कालोनी शामिल है। एपडीमोलॉजिस्ट डा.साक्षी ने जानकारी देते हुए बताया कि 7 नए केस पॉजिटिव निकलने से जिले में अब कुल केस बढक़र 440 हो गए हैं। जिनमें से 304 अर्बन क्षेत्र व 136 रूरल क्षेत्र से पॉजिटिव है। उन्होंने बताया कि 440 केसों में से 327 केस रिकवर कर चुके हैं जबकि मौजूदा 113 लोग एक्टिव चल रह हैं। उन्होंने बताया कि 9 लोग सिविल अस्पताल व 5 लोग निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।
लोग करे सहयोग तभी डेंगू का होगा खत्म
जिले में लगातार डेंगू के केस निकलने के बाद यहां सिविल अस्पताल पठानकोट की टीम लगातार डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर डेंगू के रोकथाम हेतु जागरूक कर रही है वहीं मंगलवार को स्टेट टीम में शामिल एनटोमोलॉजिस्ट नजाद सिंह तथा हैल्थ इंस्पैक्टर प्रेम शर्मा चण्डीगढ़ से पठानकोट पहुंचे और उन्होने सर्वप्रथम लमीनी, खानपुर व सुजानपुर क्षेत्रों का दौरा किया। पठानकोट सुजानपुर का दौरा करने के बाद डेंगू के बढ़ रहे प्रकोप के बारे में जब टीम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लोग अभी भी जागरूक न होकर विभाग का सहयोग नहीं कर रहे हैं जिसके चलते डेंगू की स्थिति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लमीनी में सर्वे के दौरान यह पाया गया है कि लोग पानी की कमी के चलते स्वच्छ पानी को स्टोर कर रहे हैं और इसी स्वच्छ पानी में मच्छरों का लारवा मिल रहा है जो मानवीय जिंदगी के लिए सबसे बड़ा जानलेवा खतरा है। उन्होंने कहा कि डेंगू के बचाव के लिए यहां स्वच्छता जरूरी है वहीं लोग इसकी रोकथाम हेतु अपने घरों में पानी को स्टोर न करें और यहां भी पानी खड़ा दिखाई देता है उसे सुखाने का प्रयास करे।








