पठानकोट (तरूण सन्होत्रा)
25 फरवरी : एनएसएस डिपार्टमेंट पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला द्वारा 16 से 22 फरवरी तक आयोजित किए गए नेशनल इंटीग्रेशन कैंप में पठानकोट के जीएनडीयू कॉलेज लमीनी से 2 छात्र बीए फर्स्ट ईयर के ओजस भारद्वाज और बीए फाइनल के अनिरुद्ध शर्मा शामिल होने के लिए गए थे।
जानकारी देते हुए प्रोग्रामिंग अधिकारी एवं लेक्चरर इंग्लिश डॉ. आरती महाजन ने बताया कि प्रिंसिपल डॉ अर्पणा चंदेल द्वारा कैंप में भाग लेकर लौटे छात्रों का कॉलेज प्रबंधन की ओर से स्वागत किया गया।भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स के एनएसएस, रीजनल डायरेक्टररेट चंडीगढ़ के तत्वाधान में आयोजित इस नेशनल इंटीग्रेशन कैंप का आयोजन इस वर्ष पटियाला यूनिवर्सिटी में किया गया।उन्होंने बताया कि भारत सरकार के युवा मामले तथा खेल मंत्रालय द्वारा प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय एकता कैंप विभिन्न राज्यों में लगाया जाता है। इस कैंप में विभिन्न राज्यों से लगभग 200 स्वयंसेवक एवं 10 प्रोग्रामिंग अधिकारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों तथा स्वयंसेवकों को ध्यान लगाने का अभ्यास करवाने से शुरू होने वाला दिन विभिन्न गतिविधियां अपने आप में समेटे हुए समाप्त होता रहा।इन गतिविधियों में पोस्टर मेकिंग तथा विचार गोष्ठी भी करवाई गई। यूनिसेफ के प्रतिनिधि द्वारा स्वयंसेवकों को यूनिसेफ के बारे में जानकारी दी गई।सांस्कृतिक कार्यक्रम लगातार करवाए गए। उपकुलपति प्रोफेसर अरविंद के नेतृत्व में पंजाबी यूनिवर्सिटी के 3 विभागों ने मातृभाषा दिवस को अलग ही तरीके से मनाते हुए इशारों की भाषा, ब्रेल लिपि का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों के अनुभव स्वयंसेवकों से सांझा करवाए।डॉ. किरण जोकि सेंटर फॉर दि एम्पावरमेंट आफ परसंस विद डिसेबिलिटीज की डायरेक्टर हैं,उन्होंने इस कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपनी आंखों की रोशनी के बिना यूनिवर्सिटी प्रोफेसर तक की पदवी प्राप्त करने के सफर की प्रेरणात्मक बातें स्वयंसेवकों से सांझा की। इस कैंप के दौरान कला भवन में दिलजीत अम्मी द्वारा निर्देशित संगरूर जिला में पड़ते कस्बे महल कलां के 90 के दशक में हुए लोक संघर्ष को पेश करती “हर मिट्टी नहीं भुरिया करदी” का विशेष शो दर्शकों को भावुक कर गया।विभिन्न राज्यों से आए एनएसएस स्वयंसेवकों तथा उनके प्रोग्राम अधिकारियों द्वारा अपने-अपने राज्य की झांकियां पेश की गईं।यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल के विद्यार्थी भी इन गतिविधियों में शामिल हुए।यह परेड पटियाला के विभिन्न इलाकों में सांस्कृतिक छटा बिखरती हुई गुजरी।स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा विषय पर भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।यूनिवर्सिटी प्रांगण में स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण भी किया गया।कैंप के समापन समारोह में यूनिवर्सिटी के डीन एकेडमिक मामले प्रोफेसर अशोक कुमार तिवारी ने यूनिवर्सिटी में कैंप आयोजित करने पर केंद्र सरकार के युवा मामले तथा खेल मंत्रालय का धन्यवाद किया।इस अवसर पर स्वयं सेवकों तथा प्रोग्रामिंग अधिकारियों द्वारा कैंप के दौरान हुए अपने अनुभव एक दूसरे से बांटे गए।रीजनल डायरेक्टर हरिंदर कौर द्वारा कैंप की महत्वता तथा राष्ट्रीय एकता कैंप के संकल्प के बारे में संक्षिप्त भाषण भी दिया गया।उप कुलपति प्रोफेसर अरविंद ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे कैंप लगातार लगते रहने चाहिए ताकी जो कि हमारी सांस्कृतिक एकता खत्म हो रही है उसमें निखार लाया जा सके।इस अवसर पर अमित तलवार डायरेक्टर स्पोर्ट्स तथा युवा सेवाएं विशेष रूप से उपस्थित हुए।स्वयंसेवकों को सर्टिफिकेट देते हुए पंजाबी यूनिवर्सिटी के प्रोग्राम अधिकारी डॉक्टर संदीप सिंह ने उपस्थिति का धन्यवाद किया।








