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“जयकारा जयकारा जयकारा मेरे गुरु का द्रवारा बड़ा प्यारा” पर झुमें भक्तजन “

 

मनुष्य के जीवन में सद्गुरु का होना बहुत आवश्यक : साध्वी रेखा बहन

मुकेरियां (योगेश गुप्ता) :- श्री योग वेदांत सेवा समिति मुकेरियां द्वारा घसिटपुर रोड स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में परम् पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के दिशानिर्देशनुसार एक दिवसीय संत्संग कार्यक्रम का अजोजन किया गया । जिसमें सुबह सबसे पहले पूज्य बापूजी की शिष्या साध्वी सुशीला बहन ने संत्संग दौरान साधकों को जीवन में कठिनाईयों का कैसे सामना करना चाहिए ,उन्होंने बताया के दुख सुख मनुष्य के जीवन का हिस्सा होते है , हमे घबराना नही चाहिए इसमें हमे सम्म रहना चाहिए , क्योंकि भगवान भी इस धरती पर अवतारें तो उनके भी जीवन में कष्ट आया है जैसे रामजी को 14 वर्ष का वनवास इत्यादि अनेक गुरुजनों के जीवन में भी कष्ट आते है तो मनुष्य तो है ही क्या ।

सत्संग प्रवचन दौरान साध्वी सुशीला बहन

उपस्थित भक्तजन

उन्होंने बताया के यजुर्वेद में आदेश दिया है के हमे ओमकार का जप रोज करना चाहिए व बापूजी द्वारा ओमकार का जप प्रयेक सत्संग दौरान करवाया गया है । जिससे हमारे शरीर में एक ओरा बनती है व हमारे जीवन से पाप ताप नष्ट हो जाते है जिससे हमारे जीवन में सरलता आती है। इस उपरांत उन्होंने प्रयाणम भी करवाये । उपरांत बापूजी की शिष्या साध्वी रेखा बहन ने सत्संग प्रवचन करते हुए कहा के मनुष्य जीवन में सद्गुरु का होना बहुत आवश्यक है । सदगुरु के हमारे जीवन में आने से व उनसे दीक्षा प्राप्त करने से हमारे जीवन में प्रकाश होता है व अनेक कठिनाईयां सरल हो जाती है एवं विशेष अनुभव होते है । गुरु के बिना मनुष्य को ज्ञान नही मिलता । इस दौरान उन्होंने “जय कारा जय कारा जयकारा मेरे गुरु का द्रवारा बड़ा प्यारा” आदि अनेक सुंदर भजन संकीर्तनों ने भक्तजनों को मंत्र मुग्द किया । अंत में आरती कर सत्संग को विश्राम दिया गया ।

 

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