फगवाड़ा (लाली दादर)
* मिल मालिकों के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
1 मार्च : फगवाड़ा की प्रसिद्ध काटन टैक्सटाईल्ज मिल जेसीटी फगवाड़ा के समक्ष मिल मजदूरों की ओर से आज एक बार फिर वेतन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरु हो गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व भी मिल मजदूरों ने इसी मांग को लेकर धरना दिया था लेकिन तब प्रबंधकों की ओर से एक महीने का वेतन देकर उन्हें आश्वासन दिया गया था कि शेष बकाया भी जल्दी दिया जाएगा लेकिन मिल मालिक अपने वायदे पर पूरे नहीं उतरे। जिससे आक्रोश में आये मजदूरों ने सतनाम सिंह पठलावा व जतिन्द्र कौर की अगवाई में आज से अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया है। मजदूर नेताओं ने बताया कि उनका पांच महीने का वेतन और करीब दस महीने का ओवर टाईम बकाया है। उन्होंने बताया कि तेरह दिन के इंतजार के बाद आज उन्हें दोबारा धरना लगाने को विवश होना पड़ रहा है। वेतन व अन्य भुगतान न होने से इस महंगाई के दौर में अनेकों परिवारों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद बच्चों के नए दाखिले के लिए उनके पास पैसे नहीं है। बजुर्गों और बिमारों के लिए दवा खरीदना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि घरों का खर्च उधार लेकर किसी तरह चला रहे हैं। मगर अब दुकानदार उधार देते समय भी बकाया पैसे मांग कर राशन आदि देने में आनाकानी करते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक उन्हें मिल मालिकों की ओर से एक-एक पाई का हिसाब नहीं किया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं के प्रति भी नाराजगी जताई और कहा कि जब वोट लेनी हो तो सभी लोग उनके आगे-पीछे भागते हैं लेकिन अब इस मुसीबत में कोई भी सहायता के लिए आगे नहीं आ रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मिल मालिकों ने इसी तरह ढिठाई से काम लिया और प्रशासन भी मूकदर्शक बना रहा तो वे बड़ा आंदोलन करने पर विवश होंगे। मिल मजदूरों ने मालिकों और प्रबंधकों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। इस अवसर पर मंजू बाला, सीता देवी, कश्मीर सिंह सीहरा, सरबजीत कौर, पुष्पा, हेमा, मीना, वीना, अंजली, सीमा, सरबजीत कौर चाचोकी, सतविन्द्र सिंह प्रीत नगर, सतनाम सिंह, प्रेम कुमार, कुलविन्द्र सिंह, गुरदीप सिंह, अनीता, कविता, पूजा, लाल बिहारी, रवि कुशवाहा, रणजीत कुमार, इन्द्रजीत, दलजीत कौर, विनोद तिवारी, संत राम आदि उपस्थित थे।
कैप्शन: फगवाड़ा की जेसीटी मिल के सामने धरना लगाकर नारेबाजी करते हुए मिल मजदूर।








