फगवाड़ा (लाली दादर)
* धोखेबाज एजेंट ने तेरह हजार दहराम में बेचा
* परिवार ने पंजाब और केन्द्र की सरकारों से लगाई मदद की गुहार
21 फरवरी : नौसरबाज एजेंटों के झांसे में फंस कर अरब देशों में पंजाब की बेटियों का शोषण लगातार जारी है। ऐसा ही एक मामला जिला जालंधर के गांव गुड़ा (गोराया) में सामने आया है जहां की रहने वाली गुरप्रीत कौर को परिजनों ने इस उम्मीद के साथ दुबई भेजा था कि परिवार की आर्थिक दशा में कुछ सुधार हो सकेगा लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर आंखों में सुनहरी सपने संजोय पत्नी को विदा करते समय उसके पति शिंदर पाल और बच्चों ने कल्पना भी नहीं की होगी कि गुरप्रीत किस नरक का सामना करने जा रही है। इस परिवार की मदद के लिए आगे आए शिवाजी राव जनमानस पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष बलवंत सिंह शाही वासी कौलसर मोहल्ला फगवाड़ा ने बताया कि शिंदरपाल वासी गुड़ा (गोराया) को नौसरबाज एजेंट चमकौर सिंह पुत्र प्रीतम सिंह वासी चक बाह्मणी (शाहकोट) जिला जालंधर ने गत वर्ष झांसे में लेकर कहा कि वह उसकी पत्नी को दुबई में होम मेड की नौकरी दिला सकता है। जहां उसे भारतीय मुद्रा में बीस से पच्चीस हजार रुपए प्रति महीना का वेतन तथा रहने व खाने की फ्री सुविधा मिलेगी। तब शिंदरपाल ने अपनी चौदह वर्षीय पुत्री और बारह वर्षीय पुत्र के सुनहरी भविष्य की उम्मीद से अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर को दुबई भेजने का मन बना लिया और पत्नी को विदेश भेजने के लिए एजेंट को 1.17 लाख रुपए का भुगतान भी सगे-संबंधियों की सहायता से दो किश्तों में कर दिया। इस दौरान जुलाई 2022 में गुरप्रीत कौर दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाईट लेकर दुबई पहुंच गई। दुबई एयरपोर्ट पर नौसरबाज एजेंट चमकौर सिंह जिसने वहां अपनी पहचान दारा सिंह के नाम से बना रखी है, पहले से ही मौजूद था। जो उसे रोजगार दिलाने वाली एक एजेंसी ओयसिस सर्विस जो कि अल-एन (यू.ए.ई.) मे है, वहां छोड़ कर चला गया। गुरप्रीत कौर को तब एहसास नहीं था कि उसे दो साल के वर्क परमिट पर दुबई में काम दिलाने का झांसा देकर मात्र एक महीने के टूरिस्ट वीजा पर दुबई में बेच दिया गया है। यहीं से शुरु हुआ गुरप्रीत कौर की नरक भरी जिन्दगी का सफर। जिसका खुलासा खुद गुरप्रीत कौर ने किसी तरह वीडियो काल करके अपने परिजनों के समक्ष किया है। वीडियो काल में गुरप्रीत कौर ने बताया कि चमकौर सिंह उसे तेरह हजार दहराम (स्थानीय करंसी) में एजेंसी वालों के पास बेच कर चंपत हो गया। वह बहुत मुश्किल में है। उसने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाई है कि नौसरबाज एजेंट चमकौर सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि वह पंजाब की किसी अन्य बेटी का जीवन बर्बाद न कर सके। उसके परिवार के पास तेरह हजार दहराम जो कि भारतीय करंसी में तीन लाख रुपए से अधिक की रकम बनती है, यह रकम उक्त एजेंसी को अदा करके उसे छुड़ाने की समर्था नहीं है। परिवारिक सदस्यों के अनुसार गुरप्रीत कौर को वहां शरीरिक और मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। उसके साथ मारपीट भी होती है। दूसरी तरफ गुरप्रीत कौर के बच्चे अपनी मां से मिलने के लिए बेचैन हैं और उनका रो-रो कर बुरा हाल है। बलवंत सिंह शाही ने बताया कि करीब तीन महीने पूर्व एस.एस.पी. जालंधर (देहाती) को इस संबंधी लिखित शिकायत दी गई थी जिस पर पुलिस ने हालांकि केस दर्ज कर लिया है लेकिन चमकौर सिंह के दुबई में होने की वजह से गिरफ्तार नहीं हो पा रही। पीडि़त परिवार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पुरजोर मांग की है कि परिवार की पीड़ा का तुरंत संज्ञान लेते हुुए गुरप्रीत कौर की वतन वापिसी करवाई जाए।
तस्वीर : वीडियो काल पर व्यथा सुनाती गुरप्रीत कौर का सक्रीन शाट, एजेंट चमकौर सिंह की फाईल फोटो और जानकारी देते हुए बलवंत सिंह शाही।








