कालका
डेंगू से जल्द मुक्ति के लिए सामाजिक संगठन भी भागीदारी निभाएं : डा.नरवाल
पानी ठहरेगा जहां, मच्छर पनपेगा वहां
17 सितंबर : उपमण्डल हस्पताल कालका के अधीन चल रहे डेंगू मामलो को नियंत्रित करने के कार्य पर ब्लॉक स्वास्थ्य प्रशासन के वरिष्ट चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजीव नरवाल के दिशा निर्देश में स्वास्थ्य निरीक्षक सन्दीप कुमार,जगत व राजबाला,बलवंत सिंह,जसबीर सिंह, कृष्ण,प्रेम, सुरेंद्र तथा गुरमीत की सुपरविजन में शुभम गिल,अभिमन्यु,जितेंद्र,सुनील,अरुण,सुनील कुमार,कृष्ण कुमार, गुरमीत आदि की 23 टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र खेड़ा सीता राम, टिब्बी मौहल्ला, बाल्मिकी बस्ती कालका और गांव पपलोहा,माजरा, महताब,महादेव कलोनी,सूरजपुर, रज्जीपुर, चंडी टांडा और बीड़ घगघर में घर घर जा कर 3521 घरों में सोर्स डिडक्शन एक्टिविटी के दौरान 22545 कंटेनर को चैक किया। जिनमे से 273 घरों में मिले 391 लार्वा कंटेनर को मौके पर ही खाली कर दिया गया और 204 घरों में नोटिस दिए गए हैं। कंटेनर इंडेक्स 1.5 प्रतिशत रह गया है। पिछले 3 दिन से लगातार बारिश में होने से लार्वा मिलना लाजमी है इसलिए घर घर जाने वाली टीम डेंगू जागरूकता के पम्पलेट,हेल्थ टाक्स दे रही है। डेंगू के प्रति जागरूक करने के माइक द्वारा अनाउंसमेंट भी करवाई जा रही है। डेंगू की घर घर जा कर कर रही स्वास्थ्य विभाग की सोर्स डिडक्शन टीमों के साथ
नगर परिषद की फॉगिंग भी लगातार कर रही है। उपमंडल हस्पताल के इंचार्ज वरिष्ट चिकित्सा अधिकारी डा.राजीव नरवाल ने कहा कि हर रोज लगातार ओपीडी की संख्या भी बढ़ रही हमारे चिकित्सक अच्छे से लोगो का इलाज कर रहे हैं । जिसके कारण जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके। उपमंडल हस्पताल में आज 550 ओपीडी के साथ 142 बुखार के केस जिनमे से 225 की सीबीसी,169 एनएस वन एंटीजन सैंपल में 39 पॉजिटिव पाए गए। एलाइजा टेस्ट के 52 सैंपल लिए गए। जाने वाले कल में लिए गए 48 एलिईजा सैंपल में से 46 पॉजिटिव पाए गए हैं । बुखार के 7 केसों को एडमिट किया गया है। हस्पताल में एडमिट मरीजों में से आज 8 को डिस्चार्ज किया गया है। डेंगू का लार्वा मिलने पर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करते हुए समझाया जा रहा है कि अपने कंटेनर में पानी स्टोर करो लेकिन उसे रूटीन में 2-3 दिन तक प्रयोग कर लो जिससे लार्वा ही पैदा नहीं होगा । स्वास्थ्य निरीक्षक सन्दीप कुमार ने बताया कि बारिश के दिनों में पानी इक्कठा होने से लार्वा हर छोटे से छोटे बर्तन में मिल सकता है जैसे बोतल का ढक्कन,बेकार पड़े छत पर जूते,टायर, दीवाली के दिए,कोई भी टूटा डिब्बा,गमला,बेकार हुई फूट बाल,प्लास्टिक फाइबर की शीट,आदि कोई भी कंटेनर में लार्वा मिलना लाज़िम है । इसलिए पानी को खुले में इकट्ठा ना होने दे।अपील करते हुए कहा कि “पानी ठहरेगा जहां मच्छर पनपेगा वहां” के सलोगन को हमेशा याद रखें और इस पर अमल भी करें। इन दिनों डेंगू, मलेरिया का मच्छर ज्यादा एक्टिव होता है लेकिन घबराएं नहीं आपकी जागरूकता और सर्तकता आपको इन बीमारियों से बचा सकती है। बुखार होते ही समय से हस्पताल के चिकत्सको से इलाज करवाएं। डा.नरवाल ने कहा कि डेंगू से जल्द मुक्ति के लिए कालका पिंजौर के सामाजिक संगठनों को भागीदारी निभानी चाहिए क्योंकि लोकल नेताओं की बात को जनता जल्दी समझती है और अमल भी करती है।








