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बंद हुई भारतीय करंसी को बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

बंद हुई भारतीय करंसी को बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

गिरोह में महिला सहित हरियाणा-पंजाब के चार आरोपित शामिल

पठानकोट, (अविनाश) : वर्ष 2016 में बंद हुई भारतीय करंसी को बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का मामून पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपितों में एक महिला सहित हरियाणा-पंजाब के चार आरोपित शामिल हैं। पुलिस को उनसे 2.50 लाख रुपये कि भारतीय करंसी तथा 70 लाख के करीब नकली करंसी (चिल्ड्रन बैंक आफ इंडिया के नोट) बरामद हुई है। इसके साथ ही पुलिस को आरोपितों से दो लाख 70 हजार रुपये के भारतीय करंसी के नोट भी मिले। आरोपितों की पहचान अजय कुमार सिगला निवासी सिरसा हरियाणा, सरबजीत कौर निवासी मोहाली, रविद्र सिंह निवासी तरनतारन और कुलदीप कुमार निवासी जिला कैथल हरियाणा के रूप में हुई है। आरोपितों का पुलिस की ओर से रिमांड लिया गया है। पुलिस के मुताबिक प्राथमिक पूछताछ में आरोपितों ने अपने लिक आरबीआइ के कुछ मुलाजिमों से होने की बात कबूल की है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस बात की पुष्टि हो पाएगी। साल 2016 में सरकार द्वारा नोटबंदी के दौरान जो नोट बंद कर दिए गए थे, इस गिरोह की ओर से लोगों से संपर्क करें उन्हीं नोटों को लिया जाता था तथा उसके बदले में नई करंसी के नोट देने का झांसा देकर ठगी की जाती थी। बंद हुई करंसी को लोगों से लेकर गिरोह किस तरह आगे एडजस्ट करता था, यह फिलहाल जांच का विषय है। पुलिस की मानें तो प्राथमिक पूछताछ के दौरान आरोपितों का कहना है कि उनके लिक आरबीआई के कुछ एक मुलाजिमों के साथ हैं। वे इन मुलाजिमों की मदद से करंसी को बदल देते थे। हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि जब तक इसकी बारीकी से जांच नहीं की जाती तब तक आरोपितों द्वारा कही गई किसी बात को सही नहीं माना जा सकता।

गिरोह में कुछ बड़े नामों के शामिल होने की संभावना

बंद हो चुकी करंसी लोगों से लेकर उसके बदले नकली करंसी देने का यह मामला जहां जिले में अपनी तरह का पहला है। वहीं, दूसरी ओर इस गिरोह में कुछ बड़े नामों के शामिल होने की संभावना है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और आरोपितों से पूछताछ में काफी कुछ सामने आने की संभावना है।

गिरोह के तीन सदस्य फरार : थाना प्रभारी मोहित

इस संबंध में थाना मामून के प्रभारी मोहित टाक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बंद हुई करंसी के बदले लोगों को असली नोट देने की बात कह कर ठगी करने वाला यह कोई बड़ा ग्रुप लग रहा है। जब उनसे पूछा गया कि काबू किए गए आरोपितों ने इससे पहले कितने ठगी के मामलों को अंजाम दिया है तो उन्होंने कहा कि यह फिलहाल जांच का विषय है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के तीन सदस्य फरार हैं। माधोपुर के पास थरियाल गांव का लक्की इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जाता है। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की ओर से कोशिश की जा रही है।