बटाला( अविनाश शर्मा, )
16 नवंबर : उपमण्डल अस्पताल कालका के अधीन चल रहे डेंगू के मामलो पर लगातार शिकंजा कसते हुए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजीव नरवाल के दिशा निर्देश में स्वास्थ्य निरीक्षक सन्दीप कुमार और जगत सिंह की सुप्रविजन में टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य निरीक्षक सन्दीप कुमार ने बताया कि डेंगू लार्वा के सोर्स रिडक्शन के लिए एमपीएचई अभिमन्यु,सुभम गिल और ब्रीडर चेकर रितेश,रेनू बाला,अंजु,चंदा,संदीप, आशीष कुमार,राहुल, मंजीत, जगमेष, साहिल, पुष्पेंद्र, मनकीरण, राम,अमन और सचिन आदि की टीमों ने कालका की हंडिया मौहल्ला, भैरों की सैर, खिल्ला कॉलोनी और कमला नगर 1124 घरों में 6830 कंटेनरों में लार्वा की चैकिंग की जिसमे केवल 31 कंटेनर पॉजिटिव पाए गए जिन्हें मौके पर ही खाली करवा दिया गया । पॉजिटिव पाए घरों में 8 को नोटिस जारी किया गया है। घर-घर जा कर कंटेनरों को लगातार चेकिंग के दौरान लार्वा मिलने पर साथ के साथ में उनको खाली करवा देने और कंटेनरों को जिस घर में लार्वा मिलने पर खाली नहीं करने पर उसमें दवाई डालने से और पॉजिटिव पाए घरों में नोटिस देने से लगातार कंटेनर इंडेक्स घटता जा रहा है जो अब 0.4 प्रतिशत रह गया है। डेंगू पर लगाम लगाने का काम लगातार कर रही हैं। अब तक कालका पिंजोर में डेंगू प्रमाणित 1 मौत हुई है। सोर्स रिडक्शन एक्टिविटी के दौरान लोगों को समझाया और डेंगू से बचाव के तरीके बता जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने कंटेनर में पानी स्टोर करो लेकिन उसे रूटीन में 2-3 दिन तक प्रयोग कर लो जिससे लार्वा पैदा नहीं होगा। डा.नरवाल ने बताया कि उपमंडल हस्पताल कालका मे मगंलवार को ओपीडी में 492मरीजों को चेक किया गया। ओपीडी में चैकिंग को आए मरीजों में से 23बुखार के मामले सामने आए है, जिनमे से 53 की सीबीसी और पिंजौर कालका हस्पताल में एलाइजा टेस्ट का आंकड़ा जीरो रहा । पिछले दिनों लिए गए टेस्टों में से कोई मामला पॉजिटिव नही मिला हैं। आज बुखार के 3 मरीजो को एडमिट किया गया है पिछले एडमिट मरीज में से 3 को डिस्चार्ज कर दिया और नागरिक हस्पताल पंचकुला के लिए आज किसी को रैफर नही किया गया है। अब उपमण्डल हस्पताल कालका मे केवल 16 मरीज दाखिल हैं। घर घर जाने वाली टीम डेंगू जागरूकता के पम्पलेट दे रही है। डेंगू से बचने के लिए लोगो को मोटिवेट कर रही है। डेंगू के प्रति जागरूक करने के माइक द्वारा अनाउंसमेंट भी करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की सोर्स डिडक्शन टीमों के साथ नगर परिषद द्वारा लगातार फॉगिंग करवाई जा रही है। में पानी इक्कठा होने से लार्वा हर छोटे से छोटे बर्तन में मिल सकता है जैसे बोतल का ढक्कन, बेकार पड़े छत पर जूते, टायर, दीवाली के दिये, कोई भी टूटा डिब्बा, गमला, बेकार हुई फ़ुट बाल, प्लास्टिक फाइबर की शीट आदि। इसलिए पानी को खुले में इकट्ठा ना होने दें। समय पर हस्पताल कालका के चिकित्सकों से अपना उपचार कराएं।








