मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें : इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह
पठानकोट(अविनाश शर्मा,तरूण) : मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए हर वर्ष की तरह जून माह मलेरिया के बचाओ ओर अवेयरनेस के तौर पर मनाया जाता है।इस कड़ी के तहत आज स्वास्थ्य केंद्र बाहठ साहिब में डॉ. की अध्यक्षता में सिविल सर्जन डॉ. रुबिन्दर कौर, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ साक्षी एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिंदु गुप्ता के निर्देश पर मलेरिया डे मनाया गया।इस अवसर पर बोलते हुए स्वास्थ्य इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य अब मलेरिया को खत्म करना है इसलिए मलेरिया को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलेक्सिस मच्छरों के काटने से फैलता है,जो रुके हुए पानी में प्रजनन करते हैं और रात और सुबह काटते हैं। इसलिए अपने घर में या उसके आसपास पानी नहीं रहने देना चाहिए।हर रविवार को सूखा दिवस मनाया जाना चाहिए और अपने घरों में कूलर, फ्रिज साइड ट्रे,बर्तन,पक्षी पानी के कंटेनर,पानी के ड्रम आदि को सुखाकर फिर से भरना चाहिए। सड़े हुए काले तेल को उस जगह पर लगाएं जहां पानी ज्यादा खड़ा हो।स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से तालाबों में गांबूजिया मछली डालें,मच्छरों के लार्वा खाती हैं। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि आपको मच्छर न काटे।सोते समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम आदि का प्रयोग करें।मलेरिया बुखार के मुख्य लक्षण ठंड लगना और तेज बुखार और सिरदर्द,बुखार कम होने के बाद थकान और कमजोरी और पसीना आना है।इसलिए बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और इलाज नि:शुल्क है।








