होशियारपुर की नुहार बदलने में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कमी: ब्रम शंकर जिंपा
– कैबिनेट मंत्री ने वार्ड नंबर चार में 15.68 लाख रुपए की लागत से कुटिया सुक्की चोई को जाने वाली सडक़ के निर्माण कार्य की करवाई शुुरुआत
– निगम अधिकारियों को रिहायशी इलाकों के नजदीक कूड़े के डंप सुबह 11 बजे तक साफ करने के दिए निर्देश
कहा, शहर वासियों को साफ सुथरा माहौल देना उनकी प्राथमिकता–
लोगों को गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने की अपील की
होशियारपुर, 28 मार्च(ब्यूरो) : कैबिनेट मंत्री श्री ब्रम शंकर जिंपा ने कहा कि मुख्य मंत्री श्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की ओर से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बेमिसाल विकास कार्यों की शुरुआत कर दी गई है। वे आज 15.68 लाख रुपए की लागत से वार्ड नंबर 4 में सुक्की चोई कुटिया आश्रम वाली गली के निर्माण कार्य की शुरुआत के दौरान इलाका निवासियों को संबोधित कर रहे थे।
कैबिनेट मंत्री ने इस दौरान नगर निगम अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि योजनाबद्ध तरीके से सडक़ निर्माण कार्य किए जाएं और इन कार्यों में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ों के निर्माण के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए व इस दौरान भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री ने सुबह अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर-कम- कमिश्नर नगर निगम श्री हिमांशु जैन व अन्य अधिकारियों के साथ शिमला पहाड़ी, डी.ए.वी कालेज, नजदीक जिला कचहरी व शहर के अन्य कूड़े के डंप चैक किए। उन्होंने कमिश्नर नगर निगम को निर्देश देते हुए कहा कि इन कूड़े के इन डंपों को किसी और स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बनाई जाए और उससे पहले रिहायशी इलाकों के नजदीक बनाए गए इन कूड़े के डंपों से सुबह 11 बजे से पहले कूड़ा उठवाना यकीनी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी यह सुनिश्चित बनाए कि लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शहर वासियों को साफ सुथरा माहौल देना उनकी प्राथमिकता और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने शहर वासियों से भी अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों में गीला व सूखा कूड़ा रखने के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए। उन्होंने कहा कि सफाई के लिहाज से होशियारपुर नुहार बदलने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मौके पर एक्सियन कुलदीप, एक्सियन हरप्रीत सिंह के अलावा अन्य इलाका निवासी भी मौजूद थे।








