बटाला 4 जनवरी (अविनाश शर्मा)
सनातन विरासत को संरक्षित करने का श्रेय मोदी को जाता है
देश के सभी नागरिकों को 22 जनवरी को अपने घरों में दीपमाला जलाकर इस ऐतिहासिक दिन का गवाह बनना चाहिए
: लोकसभा हलका गुरदासपुर के वरिष्ठ नेता और हिमालय परिवार संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमजीत सिंह गिल ने कहा कि 500 साल से अधिक का इंतजार खत्म होने जा रहा है और दुनिया भर की संगतें अब भगवान श्री राम जी के अयोध्या में विराजमान होने से उत्साह और खुशी में हैं।
गिल ने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी अयोध्या की भूमि को उचित सम्मान नहीं दिया और किसी भी प्रधानमंत्री ने अयोध्या पहुंचकर श्री राम जन्मभूमि के पुनरुद्धार का प्रयास नहीं किया।
गिल ने कहा कि मोदी सबसे कम समय में सबसे ज्यादा बार अयोध्या आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं और उनके नाम यह रिकॉर्ड भी बना है और यह लगातार उनके प्रयासों का ही नतीजा है।
गिल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आत्मा को फिर से जागृत किया है और सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करके करोड़ों राम भक्तों को खुशी दी है।
गिल ने कहा कि अयोध्या देश का सबसे खूबसूरत शहर बनने जा रहा है और जिस तरह से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू की हैं, उससे आने वाले दिनों में अयोध्या शहर की सूरत बदल जाएगी।
गिल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण कराया है, बल्कि अयोध्या को चार और छह लेन की सड़कों से कनेक्टिविटी, नए रेलवे स्टेशन और नए हवाई अड्डे की सौगात दी है। जिसके माध्यम से लाखों श्रद्धालु आसानी से भगवान श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या आ जा सकते हैं।
गिल ने कहा कि 22 जनवरी भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है और इस दिन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी देशवासियों और सनातन प्रेमियों को अपने घरों में दीपमाला जलानी चाहिए और श्री राम चंद्र जी के इस उत्सव का गवाह बनने के लिए खुशी और एकजुटता व्यक्त करनी चाहिए।








