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बुखार से पीडि़त मरीज की ब्लड स्लाइड जरुर बनाई जाए और अपना टारगेट पूरा करें: डॉ साक्षी

बुखार से पीडि़त मरीज की ब्लड स्लाइड जरुर बनाई जाए और अपना टारगेट पूरा करें: डॉ साक्षी

पठानकोट, ( सूरज /अविनाश ) : सिविल सर्जन पठानकोट डॉ. रुबिंदर कौर के निर्देशानुसार जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. साक्षी और स्वास्थ्य निरीक्षकों की एक टीम ने एनवीबीडीसीपी के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए सीएचसी बुगल बधानी का दौरा किया। इस दौरान डॉ. साक्षी और जिला लैब टेक्नीशियन गणेश प्रसाद ने प्रयोगशाला में जांच और ब्लड स्लाइड का निरीक्षण किया, जिसमें ब्लड स्लाइड का टारगेट पूरा करने के निर्देश दिया गया। इसके बाद डॉ साक्षी ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब बुखार का कोई भी मरीज आता है तो उसकी ब्लड स्लाइड जरुर बनाई जाए। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर साक्षी ने कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित किया कि मलेरिया मादा एनाफिलेक्सिस मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ खड़े पानी में पैदा होता है और रात व सुबह काटता है। इसलिए अपने घर में या उसके आस-पास पानी नहीं रहने देना चाहिए। हर शुक्रवार को अपने घर में कूलर, फ्रिज की पिछली ट्रे, बर्तन, पानी के बर्तन, पानी के ड्रम आदि सुखाकर सूखा दिवस मनाया जाना चाहिए, सड़े हुए काले तेल को उस जगह पर छिड़काव करें जहां पानी ज्यादा खड़ा हो। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से तालाबों में गांबूजिया मछलियां डालें, जो मच्छरों के लार्वा खाती हैं। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि आपको मच्छर न काटे, सोते समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम आदि का प्रयोग करें, मलेरिया बुखार के मुख्य लक्षण ठंड लगना और तेज बुखार, सिरदर्द, बुखार कम होने के बाद थकान और कमजोरी व पसीना आना है। इसलिए बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और इलाज नि:शुल्क है। इस अवसर पर डॉ अमनदीप, डॉ शिखा, डॉ सोनिया, डॉ अंकिता, बीईई सोमनाथ, स्वास्थ्य निरीक्षक शर्मा, स्वास्थ्य निरीक्षक अनोख लाल, हेल्थ इंस्पेक्टर राज अमृत सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा लैब तकनीशियन गणेश प्रसाद, लैब टेक्नीशियन अशोक कुमार, कुलविंदर ढिल्लों आदि उपस्थित थे।