दसूहा, 30 जुलाई ( चौधरी )
बाजार रहा बंद तथा मैडिकल सुविधाए रही खुली
: नगरपालिका कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर म्युनिसिपल एम्प्लॉई यूनियन दसूहा के सफाई कर्मचारियों ने आज अपनी जायज़ मांगों और बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रधान सिकंदर मलिक के नेतृत्व में पैदल रोष मार्च निकाला गया। यह पैदल रोष मार्च दसूहा में अलग-अलग स्थानों से होते हुए हाजीपुर चौक पहुंचा, जहां सफाई कर्मचारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किया और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।इस विरोध प्रदर्शन में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य और अलग-अलग राजनीतिक नेता भी शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधान सिकंदर मलिक , सिकंदर सहोता, सरवन सिंह, दीपक थापर ने कहा कि नगर कौंसिल दसूहा के सफ़ाई कर्मचारी अपनी जायज़ मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनसे बात करने नहीं पहुँचा है। उन्होंने कहा कि 28 जुलाई को सरकार के साथ चंडीगढ़ में बैठक भी हुई जिसमें मुलाजिमों प्रति कोई फैसला नहीं आया है। उन्होंने कहा करीब 2 महीने बीत चुके हैं लेकिन सरकार द्वारा उनकी जायज मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। जो कर्मचारियों के प्रति सरकार की बेरुखी को दिखाता है। उन्होंने कहा कि बरनाला में शांतिपूर्वक ढंग से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस कर्मियों जो लाठीचार्ज किया गया है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा यह कार्य बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कर्मचारियों की जायज मांगे नहीं मान लेती तथा बरनाला में लाठी चार्ज करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करती और उसे नौकरी से नहीं निकलती और माता बहनों के लिए अभद्र भाषा के मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं करती। जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। सफाई कर्मचारियों द्वारा किए गए रोष प्रदर्शन को दसूहा में मिला संपूर्ण सहयोग मिला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सफ़ाई कर्मचारी, अलग-अलग संगठनों के नुमाइंदे और सामाजिक और राजनीतिक आगू विरोध मार्च और धरने में शामिल हुए और संघर्ष कर रहे कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाई।इस अवसर पर सिकंदर सहोता, सरवन सिंह, दीपक थापर, परमिंदर सिंह, साबी, गोल्डी, मोहित, संदीप बाहरी, पूजा, कुलबीर कौर, सुमन,नगर कौंसिल दसूहा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ आगू डॉ. हरसिमरत साही (सन्नी साही), एडवोकेट भूपिंदर सिंह, अमनदीप सिंह शंकर, जोबन बस्सी, मनीष चड्ढा के अतिरिक्त बड़ी संख्या में सफ़ाई कर्मचारी मौजूद थे।








