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चाइना व सिंथेटिक डोर पर सख़्त पाबंदी, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई : आशिका जैन

होशियारपुर, 20 जनवरी(ब्यूरो) 

– डिप्टी कमिश्नर ने की नागरिकों से सुरक्षित पतंगबाज़ी की अपील

: डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर आशिका जैन ने जिले के समस्त नागरिकों से पतंगबाज़ी के दौरान केवल सूती डोर का ही उपयोग करने की सख़्त अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाइना डोर, प्लास्टिक व अन्य सभी प्रकार की सिंथेटिक डोर के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर जिले में पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत लागू किया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान मौसम में पतंगबाज़ी का चलन बढ़ जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह देखने में आया है कि सूती डोर के स्थान पर खतरनाक प्लास्टिक और सिंथेटिक डोर का प्रयोग बढ़ा है। यह डोर अत्यंत घातक साबित हो रही है, जिससे न केवल पतंग उड़ाने वाले स्वयं गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं, बल्कि वाहन चालकों, बच्चों और राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में जिले सहित अन्य स्थानों पर चाइना डोर और सिंथेटिक डोर के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। इन हादसों में लोगों की गर्दन कटने, गंभीर चोटें लगने और यहां तक कि जान जाने की घटनाएं भी हुई हैं। इसके अतिरिक्त यह डोर पशु-पक्षियों के लिए भी बेहद जानलेवा सिद्ध हो रही है, जिससे पर्यावरण और जैव विविधता को भी नुकसान पहुंच रहा है।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की सिंथेटिक या प्लास्टिक डोर की बिक्री, भंडारण अथवा उपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पतंग बेचने वाले दुकानदारों और पतंग उड़ाने वाले व्यक्तियों—दोनों पर यह आदेश समान रूप से लागू होगा। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को नियमित जांच और सख़्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

डिप्टी कमिश्नर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केवल सूती डोर का ही प्रयोग करें और किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित डोर के उपयोग से स्वयं भी बचें तथा दूसरों को भी रोकें। उन्होंने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित पतंगबाज़ी के प्रति जागरूक करें, ताकि त्योहार और मनोरंजन खुशी और उल्लास का कारण बनें, न कि किसी अप्रिय दुर्घटना का।