Prime Punjab Times

Latest news
ਪੰਜਾਬ 'ਚ 129 DSPs ਦੇ ਹੇਏ ਤਬਾਦਲੇ, ਹਰਗੁਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ ਦਸੂਹਾ ਤੇ ਟਾਂਡਾ ਦੇ ਹੋਣਗੇ ਨਵੇਂ DSP ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ‘ਚ ਚੱਲ ਰਹੀਆਂ ਸਕੀਮਾਂ, ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸਮੀਖਿਆ ਡੀਏਵੀ ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ ਗੜਦੀਵਾਲਾ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ,ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਵੱਲੋਂ ਸਨਮਾਨਿਤ ਖਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ ਐਨ.ਐੱਸ.ਐੱਸ.ਯੂਨਿਟ ਵੱਲੋਂ 'ਠੋਸ ਕਚਰਾ ਪ੍ਰਬੰਧਨ' ਵਿਸ਼ੇ ’ਤੇ ਲੈਕਚਰ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਭਾਈ ਸੁੱਖਾ ਸਿੰਘ ਭਾਈ ਮਹਿਤਾਬ ਸਿੰਘ ਯਾਦਗਾਰੀ ਪਾਰਕ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਗਵਰਨਰ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਮੰਗ ਪੱਤਰ *ਇਤਿਹਾਸਕ ਨਗਰ ਬਟਾਲਾ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਹੁਲਾਰਾ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ 177 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਪ੍ਰਾਜੈ... DAV ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ ਗੜਦੀਵਾਲਾ ਦੇ ਸੀ.ਬੀ.ਐਸ.ਈ ਬੋਰਡ ਦਸਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦਾ ਨਤੀਜਾ 100 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਰਿਹਾ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ 'ਭਾਰਤੀ ਗਿਆਨ ਪ੍ਰਣਾਲੀ' ਤਹਿਤ ਗਣਿਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਲੈਕਚਰ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ KMS ਕਾਲਜ ਦੇ ਬੀ.ਸੀ.ਏ ਪੰਜਵੇਂ ਸਮੈਸਟਰ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਰਿਹਾ – ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਡਾ. ਮਾਨਵ ਸੈਣੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ 150 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦਾ ਕੀਤਾ ਉਦਘਾਟਨ
ADVERTISEMENT
You are currently viewing ईश्वर कृपा से मानव जीवन मिला है,जिस प्रभु ने इतनी सुंदर सृष्टि रची है,उस प्रभु को कभी नहीं भूले : आनंदमूर्ति गुरु मां

ईश्वर कृपा से मानव जीवन मिला है,जिस प्रभु ने इतनी सुंदर सृष्टि रची है,उस प्रभु को कभी नहीं भूले : आनंदमूर्ति गुरु मां

ईश्वर कृपा से मानव जीवन मिला है,जिस प्रभु ने इतनी सुंदर सृष्टि रची है,उस प्रभु को कभी नहीं भूले : आनंदमूर्ति गुरु मां

बटाला 30 जून (अविनाश शर्मा ) आनंदमूर्ति गुरु मां के एक संदेश में बताया के मनुष्य के जीवन में ऐसा अगर अवसर ना आए जिस अवसर में वह भगवन भजन करें । ईश्वर कृपा से मानव जीवन मिला और उस मानव जन्म में हमारे सारधिकता यह है के जिसने इस शरीर को पैदा किया है जिसने यह रूप बनाया है, जिस प्रभु ने इतनी सुंदर सृष्टि रची है उस प्रभु को कभी भी भूले नहीं। परमात्मा क्या है यह भी खोज का विषय है हमारे तीर्थ स्थान किसी न किसी ऋषि महात्मा की तप स्थल हैं चाहे वो वह भगवान परशुराम, विशिष्ट जी महाराज, ऋषि पराशर जी हों जहां-जहां ऋषियों ने तप किया वह स्थान तीर्थ हो गए । जहां बैठकर परशुराम जी तप करते हैं देवी का दर्शन प्राप्त करते हैं वह हमारे लिए जागृत तीर्थ स्थान हो जाता है। जिस स्थान पर बैठ के किसी ने महादेव की उपासना की है महादेव और शक्ति में कोई भेदभाव नहीं कह सकते एक ही बात है एक इस्त्री एक पुरुष। पूरे विश्व में स्त्री रूप में उपासना की गई है तो वह भारत ही है, अगर स्त्री को देवी कहां है तो वह भी भारत ही है, अगर स्त्री को पुजिया कहा गया तो वह भी भारत ही है और महादेव स्वयं अपने मुख से देवी तुम मेरी शक्ति हो और जैसे शक्ति और शिव के मिलने से सृष्टि होती है उसी में हमारा शरीर है। यह जो शरीर बना है पांच तत्व । यह प्रकृति शक्ति के द्वारा बनी है। इसी देह में जो चेतनने तत्व हैं वही शिव हैं । शिव ऐसा नहीं कि किसी पहाड़ी जां मंदिर में छुप के बैठे हैं वहां पर शिवलिंग होता है। लिंग शब्द का अर्थ होता है चिन्ह। जिन लोगों को संस्कृत जा हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं वह इसका अर्थ और ही कर लेते हैं वह मानव शरीर के अंग के साथ जोड़ देते हैं। लिंग शब्द का अर्थ होता है सिंबल जैसे तिरंगा हमारे भारत का सिंबल है तिरंगे में भारत नहीं गुस्सा होगा पर तिरंगा देखते ही हम पहचानते हैं की यह हमारे भारत देश का राष्ट्रीय ध्वज है उसको देखते ही सैनिक सलूट मारता है एक स्पोर्ट्स पर्सन जीते तो ऊंचे उठते तिरंगे को लेकर राष्ट्रीय गान को सुनकर उसकी छाती चौड़ी हो जाती है ऐसे ही शिव तत्व का जो सिंबल है उसी को हम लिंग कहते हैं और शिव शब्द का अर्थ है जो कल्याण करता है।

error: copy content is like crime its probhihated