डेंगू,मलेरिया और चिकनगुनिया के बारे में किया जागरूक
पठानकोट 30 मार्च ( अविनाश शर्मा ) : डॉ.रुबिन्दर कौर सिविल सर्जन पठानकोट के निर्देशानुसार डॉ. सुनील चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पठानकोट के नेतृत्व में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बारे में जागरूक किया। डॉ अभय गर्ग ने बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलेक्सिस मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ खड़े पानी में पैदा होता है। इसलिए अपने घर में या उसके आसपास पानी नहीं खड़ा होने देना चाहिए। हर शुक्रवार को अपने घर में कूलर, फ्रिज साइड ट्रे, बर्तन, पक्षी पानी के कंटेनर, पानी के ड्रम को सप्ताह में एक बार अच्छी तरह से सुखाकर रखना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से तालाबों में गांबूजिया मछलियों को डालें जो मच्छरों के लार्वे को खाती हैं, शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि आपको मच्छर न काटे। सोते समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम आदि का प्रयोग करें। मलेरिया बुखार के मुख्य लक्षण ठंड लगना, तेज बुखार और सिरदर्द, बुखार कम होने के बाद थकान और कमजोरी और पसीना आना है। इसलिए बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और इलाज नि:शुल्क है। इस अवसर पर डॉ. अभय गर्ग, डॉ. वियोमा, स्वास्थ्य निरीक्षक अविनाश शर्मा, स्वास्थ्य निरीक्षक अनोखी लाल, स्वास्थ्य निरीक्षक राजिंदर कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक राज अमृत सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा लैब तकनीशियन गणेश प्रसाद आदि उपस्थित थे।








