Prime Punjab Times

Latest news
ਡਾ. ਸੁਖਦੇਵ ਸ਼ਰਮਾ ਨੂੰ ਸਦਮਾ, ਪਿਤਾ ਡਾ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਮਿੱਤਰ(ਹਰੀ ਪਗੜੀ ਵਾਲੇ) ਦਾ ਦੇਹਾਂਤ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਆਗੂ ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ ਦੀ ਬਦਲੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਬੁਖਲਾਹਟ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਕਰਾਰ; ਸਾਂਝੀ ਤਾਲਮੇਲ ਕਮੇਟੀ ਗੜਦੀਵਾ... ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਦੇ 650ਵੇਂ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸੈਮੀਨਾਰ ਕਰਵਾਇਆ ਹਲਕਾ ਟਾਂਡਾ ਉੜਮੁੜ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਗੜਦੀਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ ਭਰਵਾਂ ਹੁੰਗਾਰਾ ਕਲੱਸਟਰ ਖੇਡਾਂ 'ਚ ਉਵਰਆਲ ਟ੍ਰਾਫੀ ਦਸੂਹਾ 1 ਅਤੇ ਦਸੂਹਾ -2 ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਿੱਤੀ ਪੀ ਐਮ ਸ਼੍ਰੀ ਜਵਾਹਰ ਨਵੋਦਿਆ ਵਿਦਿਆਲਿਆ ਫਲਾਹੀ ਵਿਖੇ 16ਵੀਂ ਕੌਮੀ ਯੋਗਾ ਮੀਟ ਦਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਆਗਾਜ਼ DAV ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ 'ਚ ਧੂਮਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਵੇਦ ਸਪਤਾਹ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ  ਵਿਖੇ ਆਈ.ਪੀ.ਆਰ ਸੰਬੰਧੀ ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਧਾਰਮਿਕ ਸਮਾਗਮ ਕਰਵਾਇਆ ਦਸੂਹਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਧੋਖਾਧੜੀ ਦੇ ਕੇਸਾਂ ਤਹਿਤ 02 ਦੋਸ਼ੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ
ADVERTISEMENT
You are currently viewing जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी में हर विद्यार्थी को मिलती है मुफ्त कानूनी सहायता : जज रंजीव पाल सिंह चीमा

जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी में हर विद्यार्थी को मिलती है मुफ्त कानूनी सहायता : जज रंजीव पाल सिंह चीमा

पठानकोट(अविनाश,तरुण)

29 नवंबर : जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी पठानकोट के चेयरमैन कम डिस्टिक एंड सेशन जज मोहम्मद गुलजार के निर्देशानुसार राजेश कुमार प्रिंसिपल सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल धीरा तथा सीमा डोगरा प्रिंसिपल सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नौशहरा नलबंदा की देखरेख में कानूनी साक्षरता सेमिनार आयोजित किए गए, जिसमें रंजीव पाल सिंह चीमा सीजेएम कम सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी विशेष रूप में शामिल हुए। इस मौके पर जज रंजीव पाल सिंह चीमा द्वारा विद्यार्थियों को निशुल्क कानूनी सहायता संबंधी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। जज साहब ने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशानुसार रनवे कपल्स को जिला स्तर पर भी मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि वे लोग जिनकी आय 3 लाख से कम है, मजदूर, महिलाएं, दिव्यांग, जेलों में बंद कैदी, विद्यार्थी मुफ्त कानूनी सहायता का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी लाभार्थियों को अथॉरिटी द्वारा मुफ्त में वकील दिया जाता है जिसका खर्च अथॉरिटी सहन करती है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर कोर्ट में लोक अदालत का आयोजन किया जाता है जिसमें हम अपना केस लगाकर सस्ता और सरल न्याय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के निर्णय की फिर कहीं भी कोई भी अपील नहीं की जा सकती है और कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि मध्यस्था द्वारा भी हम अपना केस को आपसी सहमति के साथ खत्म कर सकते हैं। इस मौके पर विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट, लेबर एक्ट, मोटर व्हीकल एक्ट, सिनियर सिटीजन तथा अन्य कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सुखविंदर सिंह लीगल लिटरेसी इंचार्ज, पीटीआई सुमित शर्मा, पीएलबी विनोद कुमार तथा स्टाफ सदस्य शामिल थे।