बटाला( अविनाश शर्मा )
हमें मानव जीवन प्रभु की भक्ति करने हेतु मिला है लेकिन हम इस जीवन को दुनिया के विकारों में पढ़कर बर्बाद कर रहे हैं : संत त्रिलोचन दास
6 दिसंबर : स्थानीय सचखंड नानक धाम जालंधर-अमृतसर बाईपास बटाला में हजूर महाराज दर्शन दास जी का जन्म दिवस बहुत ही श्रद्धा भावना से मनाया गया। इस अवसर पर आज पहले दिन संत त्रिलोचन दर्शन दास जी द्वारा संगतों को अपने सत्संग और कीर्तन से निहाल किया गया। इस अवसर पर महाराज त्रिलोचन दास जी द्वारा संगतों को नाम दान की बख्शीश भी की गई। इस अवसर पर संत त्रिलोचन दास जी ने कीर्तन करते हुए बताया कि प्रभु की भक्ति करने से ही सब कुछ मिलता है। उन्होंने बताया कि हमें मानव जीवन प्रभु की भक्ति करने हेतु मिला है लेकिन हम इस जीवन को दुनिया के विकारों में पड़ कर बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब हम प्रभु का सिमरन करते हैं तो प्रभु खुद ही हमारी चिंता दूर करते हैं, जब हम प्रभु को याद करते जाते हैं तो हमारा ध्यान भी प्रभु चरणों में लगता जाता है और सिर्फ प्रभु का ध्यान करने से ही हमें दुनिया की सभी चीजें मिलती जाती हैं। महाराज जी ने कहा कि यह दुनिया सिर्फ मतलब से ही हमारे साथ है, जब तक मतलब निकलता है तब तक दुनिया का साथ हमें मिलता जाता है लेकिन जब दुनिया का मतलब खत्म हो जाता है तो दुनिया हमारा साथ छोड़ जाती है। उन्होंने बताया कि भगवान हमेशा हमारा साथ देते हैं, इसलिए हमें प्रभु और भगवान को याद करते रहना चाहिए। इस अवसर पर बाबा सरजीत सिंह, बाबा चरणजीत सिंह, बाबा सुजान सिंह, बाबा मक्खन, दास सतनाम, दास रजिन्द्र, दास बंटी, दास सुनील, दास परमजीत, दास अश्विनी, दास मनिन्द्र, दास मीनू, दास हरप्रीत, दास मोहनजीत, दास सुदेश, दास धनराज आदि उपस्थित थे।
कैप्शन- 1. संत त्रिलोचन दर्शन दास जी द्वारा संगतों को अपने सत्संग और कीर्तन से निहाल करते हुए, उपस्थित श्रदालु।








