पठानकोट(तरूण/रोहित)
महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के ही नहीं सारे राष्ट्र के ही सिरमौर -कुंवर विक्की
कहा महाराजा हरि सिंह जयंती पर सरकार शीघ्र घोषित करे छुट्टी
7,सितंबर : जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी छुट्टी की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे युवा राजपूत सभा व अन्य संगठनों के सदस्यों को उस वक्त भारी बल मिला जब पठानकोट से शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद तथा अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सदस्य जम्मू पहुंच कर महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के समक्ष उनकी जयंती पर छुट्टी की मांग कर रहे युवाओं के साथ भूख हड़ताल पर बैठे। इस अवसर पर युवा राजपूत सभा,करनी सेना जम्मू व विभिन्न संगठनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर के ही नहीं समूह भारत वर्ष के सिरमौर हैं तथा हर वर्ग के लोग उन्हें कुशल प्रशासक मानते हुए उनके प्रति सम्मान की भावना रखते हैं।क्योंकि महाराजा अक्सर कहा करते थे कि उनका कोई धर्म नहीं है, सिर्फ समाज के सभी वर्गों के साथ न्याय करना ही उनका धर्म है।मगर आज दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि जम्मू-कश्मीर के सभी डोगरे काफी वर्षों से महाराजा हरि सिंह की जयंती पर छुट्टी की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

उन्होंने कहा कि हमारे युवा भाई व बहनें पिछले 15 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन सरकार तथा प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि इनकी सुध लेने नहीं आया जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है तथा अब ये आंदोलन पूरे जम्मू-कश्मीर संभाग में शुरू हो चुका है,लोग सड़कों पर उतर कर अपने महाराज के सम्मान के लिए सरकारी छुट्टी की मांग कर रहे हैं।अगर सरकार ने शीघ्र इनकी मांग को पूरा नहीं किया तो पंजाब के लोग भी इस आंदोलन में शामिल होकर अपने इन भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।कुंवर विक्की ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि यह आंदोलन सिर्फ राजपूतों का है जो की सरासर गलत है आज की इस भूख हड़ताल में सभी धर्मों के लोग बैठ कर अपनी एकता का सबूत दे रहे हैं क्योंकि महाराजा हरि सिंह समाज के सभी वर्गों के बंदनीय हैं।वो लोग ऐसी अफवाहें फैला कर इस आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं,जो की कभी सफल नहीं होगी। कुंवर विक्की ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि पूर्व सरकारों ने तो डोगरों की इस मांग को अनदेखा किया ही मगर वर्तमान सरकार जिस पर लोगों को काफी उम्मीदें थी और जब यह विपक्ष में थे तो इस मांग का पुरजोर समर्थन करते थे मगर अब सभी खामोश बैठे हैं।उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का शाक्षी है कि अब तक डोगरों ने जो भी संघर्ष शुरू किया है उसे अंजाम तक पहुंचाया है।अगर सरकार ने इनकी इस जायज मांग को पूरा नहीं किया तो आने वाले चुनावों में सभी राजनीतिक दलों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसलिए हम यहां के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील करते हैं कि शीघ्र ही महाराजा हरि सिंह जयंती की छुट्टी घोषित कर सबकी भावनाओं का सम्मान करें।इस अवसर पर परिषद के प्रेस सचिव बिट्टा काटल, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिला पठानकोट के प्रधान कार्पोरेटर ठाकुर विक्रम सिंह विक्कू,कार्यकारणी सदस्य ठाकुर शमशेर सिंह बिट्टू,युवा राजपूत सभा जम्मू के अध्यक्ष ठाकुर राजन सिंह हैप्पी, सुरिंदर सिंह गिल्ली, वर्षा जमवाल आदि उपस्थित थे।








