फगवाड़ा ( लाली दादर )
* कहा : दलित विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है भगवंत मान सरकार
12 मार्च : दलित समाज के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की संयुक्त बैठक समाज सेवक डा. सुखवीर सलारपुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एल.ओ.सी.) जारी करने की कड़ी आलोचना करते हुए डा. सुखवीर सलारपुर के अलावा गुरु रविदास एवं डा. बी.आर. अंबेडकर सभाओं के उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि भगवंत मान सरकार दलित विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है। इसी वजह से पांच बार के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, दो बार के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और बिक्रमजीत सिंह मजीठिया जैसे बड़े मगरमच्छों को छोड़ कर दलित समाज के लोकप्रिय नेता चरणजीत सिंह चन्नी को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सतर्कता विभाग ने चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ बिना जांच के एलओसी जारी कर दी जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। दलित नेताओं ने कहा कि अगर भगवंत मान सरकार में हिम्मत है तो पहले उन लोगों की संपत्तियों की जांच कराए जिन्होंने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए पंजाब का खजाना लूटा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भगवंत मान सरकार की दलित नेता को दबाने की मंशा को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी को याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव से पहले दलित समुदाय का डिप्टी सीएम बनाने की बात कही थी, लेकिन दलितों का वोट लेकर सत्ता में आने के बाद डिप्टी सीएम बनाने की बजाय 75 साल की आजादी में सिर्फ तीन महीने के लिए मुख्यमंत्री बनेचरणजीत सिंह चन्नी को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दलितों के खिलाफ अपनी घृणित मानसिकता नहीं बदली तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। बैठक में यश बरना चेयरमैन गुरु रविदास टाइगर फोर्स, डा. ज्ञान सिंह, एडवोकेट जरनैल सिंह, प्रकाश राम भाणोकी, सुखवीर सलारपुर, बूटा सिंह, रामदास रहमानपुर, सरबजीत रायपुर, इंद्रजीत सिंह रायपुर, सुरजीत सिंह पूर्व सरपंच नंगल, बिशनपाल चहेड़ू, सुखविंद्र बिल्लू खेड़ा, सुभाष चंद्र, सोम लाल पूर्व सरपंच, बलदेव कुमार जतिन राजपूत डा. बीआर अम्बेडकर ब्लड डोनेशन आर्गनाईजेशन आदि उपस्थित थे।








