Prime Punjab Times

Latest news
ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਆਗੂ ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ ਦੀ ਬਦਲੀ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀ ਬੁਖਲਾਹਟ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਕਰਾਰ; ਸਾਂਝੀ ਤਾਲਮੇਲ ਕਮੇਟੀ ਗੜਦੀਵਾ... ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਰਵਿਦਾਸ ਜੀ ਦੇ 650ਵੇਂ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਸੈਮੀਨਾਰ ਕਰਵਾਇਆ ਹਲਕਾ ਟਾਂਡਾ ਉੜਮੁੜ ਦੇ ਸ਼ਹਿਰ ਗੜਦੀਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ ਭਰਵਾਂ ਹੁੰਗਾਰਾ ਕਲੱਸਟਰ ਖੇਡਾਂ 'ਚ ਉਵਰਆਲ ਟ੍ਰਾਫੀ ਦਸੂਹਾ 1 ਅਤੇ ਦਸੂਹਾ -2 ਨੇ ਸਾਂਝੇ ਤੌਰ ਤੇ ਜਿੱਤੀ ਪੀ ਐਮ ਸ਼੍ਰੀ ਜਵਾਹਰ ਨਵੋਦਿਆ ਵਿਦਿਆਲਿਆ ਫਲਾਹੀ ਵਿਖੇ 16ਵੀਂ ਕੌਮੀ ਯੋਗਾ ਮੀਟ ਦਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਆਗਾਜ਼ DAV ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ 'ਚ ਧੂਮਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਵੇਦ ਸਪਤਾਹ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ  ਵਿਖੇ ਆਈ.ਪੀ.ਆਰ ਸੰਬੰਧੀ ਵਰਕਸ਼ਾਪ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਬੰਦੀ ਸਿੰਘਾਂ ਦੀ ਰਿਹਾਈ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਧਾਰਮਿਕ ਸਮਾਗਮ ਕਰਵਾਇਆ ਦਸੂਹਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਧੋਖਾਧੜੀ ਦੇ ਕੇਸਾਂ ਤਹਿਤ 02 ਦੋਸ਼ੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਡੱਫਰ ਸਕੂਲ 'ਚ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਖੇਡ ਦਿਵਸ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ
ADVERTISEMENT
You are currently viewing 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस को समर्पित मलेरिया को हराने के लिए मनाया जाता है : डॉ अदिति,डॉ साक्षी

25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस को समर्पित मलेरिया को हराने के लिए मनाया जाता है : डॉ अदिति,डॉ साक्षी

25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस को समर्पित मलेरिया को हराने के लिए मनाया जाता है : डॉ अदिति,डॉ साक्षी

पठानकोट 16 अप्रैल (अविनाश शर्मा) हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मलेरिया को हराने के लिए मनाया जाता है । स्वास्थ्य विभाग जिला पठानकोट द्वारा विश्व मलेरिया दिवस को समर्पित मलेरिया जागरूकता सप्ताह तिथि 18 अप्रैल से 25 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। इस संबंध में सहायक सिविल सर्जन डॉ अदिति सलारिया ओर एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉक्टर साक्षी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस जागरूकता सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग पठानकोट द्वारा इस सबंधी जागरूकता फैलाई जाएगी ताकि मलेरिया बुखार होने से रोका जा सके । उन्होंने कहा कि मलेरिया को खत्म करने की हम सबकी सांझी जिम्मेदारी बनती है। डॉ आदित्य सलारिया, डॉ साक्षी ने मलेरिया के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि मलेरिया बुखार मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है और यह मच्छर , खड़े पानी में पैदा होता है। यह मच्छर रात और सुबह के समय काटता है। उन्होंने कहा कि ठंड और कांपने से बुखार, तेज बुखार और सरदर्द, थकावट और कमजोरी होना और जिस्म को पसीना आना मलेरिया के मुख्य लक्षण है। उन्होंने मलेरिया से बचाव के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इससे बचने के लिए हमें घरों के आसपास छोटे खड्डों में पानी इकट्ठे नहीं होना देना चाहिए और इनको मिट्टी से भरना चाहिए, छप्पड़ के खड़े पानी में काले तेल का छिड़काव करना चाहिए, कपड़े ऐसे पहने चाहिए जो जिस्म को पूरी तरह से ढक सकें ताकि मच्छर काट ना सके, सोने के समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीमें और तेल आदि का प्रयोग करना चाहिए।