(कमल कृष्ण हैप्पी) जुगियाल 20 मई
: पिछले दिनों में अमृतसर के मजीठा में अवैध व जहरीली शराब पीने से लगभग 22 लोगों की मौत होने पर पूरे प्रदेश में बवाल चल रहा है, जिसके लिए पंजाब सरकार व पंजाब पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री को रोकने, अवैध शराब बनाने वाले, सप्लाई करने वाले व बेचने वाले लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है तथा इसी युद्ध नशों के विरूद्ध मुहिम को लेकर कई लोगों को पकडा भी है। इसी अवैध शराब की बिक्री को रोकने व उसके प्रयोग से होने वाले नुकसानों के प्रति पंजाब आवकारी विभाग ने भी कमर कस ली है तथा पुलिस के सहयोग से विभाग जागरूकता सैमिनार, जागरूकता रैलियां, आटो के माध्यम से जागरूक व अन्य पोस्टरों के माध्यम से जागरूक करने का कार्य शुरू किया है। इसी मुहिम के तहत ईटीओ नरेंद्र कौर वालिया, आवकारी इंस्पैक्टर हरविंदर सिंह, आबाकारी इंस्पक्टर परमिंदर गुप्ता, आबाकारी इंस्पैक्टर अनिल कुमार, पुलिस पार्टी व अन्य प्रबुद्ध लोगों के सहयोग से कई ईंट भट्ठों पर अवैध शराब से होने वाले नुकसानों के प्रति जागरूक किया। ईटीओ नरेंद्र कौर वालिया ने उपस्थित प्रवासी मजदूरों व अन्य जनों को बताया कि अवैध शराब पीने से कई प्रकार की बीमारियां लग सकती है, क्योंकि अवैध शराब सही मापदंडों अनुसार नहीं बनी होती है तथा उसका कोई सही ग्रेड भी नहीं होता है, जिस कारण उक्त शराब जहरीली हो जाती है। विभाग ने बताया कि पंजाब की सीमा के साथ लगते हिमाचल प्रदेश के छन्नी बेली में अवैध शराब बनाने का कार्य होता है, जिसके लिए उनके विभाग ने लाखों लीटर लाहन को नष्ठ भी किया है तथा उक्त केस को हिमाचल प्रदेश की पुलिस को भी दिया है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई लोग पिछले कई वर्षों से अवैध शराब पीने के कारण बीमार हो चुके है व अभी भी उक्त अवैध शराब का सेवन कर रहे है, जिससे सीधे तौर पर उक्त लोगों को उनके शरीर की हानी होने की संभावना बनी है। उन्होंने जिला प्रशासन व गांव की पंचायतों को अपील की है कि उक्त नछेडी लोगों को शीध्र से ही नशा छुडाओं केंद्रों में दाखिल करवा कर इलाज करवाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि, अवैध शराब की बिक्री से जहां सरकार के राजस्व को हानी पहुंचती है, वहीं पर आम लोगों के जीवन पर बुरा असर भी पडता है। हालांकि विभाग व पुलिस की ओर से अवैध शराब की बिक्री करने वाले, बनाने वाले, सप्लाई करने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस अवसर पर ईटीओ नरेंद्र वालिया, इंस्पैक्टर परमिंदर गुप्ता, इंस्पैक्टर हरिविंदर सिंह, इंस्पैक्टर अनिल कुमार, एएसआई अमरजीत सिंह, एचसी परजिंदर सिंह, एचसी भजन सिंह, एचसी मंगल सिंह, एचसी सुलखन राम, एचसी भूपिंदर सिंह व अन्य मौजूद थे।








