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स्व.महाराज कृष्ण अग्रवाल जी की 32 वीं पुण्यतिथि पर श्रधांजलि विशेष

गढ़दीवाला :
परम श्रदेय प्रसिद्ध करियाना व्यापारी स्व. लाल महाराज कृष्ण अग्रवाल जी की 31वीं पुण्यतिथि पर हम उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम व श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। लाल महाराज किशन अग्रवाल जी ऐसे व्यक्तित्व के स्वामी थे जिनके समक्ष श्रद्धा से सिर झुक जाता है। वे हमारे मार्ग दर्शक और प्रेरणा के स्त्रोत थे। उनके जीवन का लक्ष्य परोपकार और लोक सेवा था। वे सादा जीवन और उच्च विचार रखने वाले व्यक्ति थे। उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं था। वे जब भी किसी जरूरतमंद को देखते तो निस्वार्थ भाव से उसकी सहायता अवश्य करते। उन्होंने सदा पुरुषार्थ को अपने जीवन में धारण किया। उनकी मेहनत और लगन के परिणामस्वरूप आज पूरा इलाका उन्हें कर्मयोगी के रूप में याद करता है। सच्चाई, ईमानदारी, नेकी, स्वाभिमान, परिश्रम, दृढ़ इच्छा शक्ति, लगन, लोक सेवा आदि मानवीय गुणों के कारण उनका जीवन चरित्र हमारे लिए अनुकरणीय है । ऐसे अच्छे महान लोग भले ही इस दुनिया को अलविदा कह गए हों लेकिन उनके विचार आज भी हमारे भीतर जीवित रहते हैं , ओर कभी नहीं मरते । वे लोगों के मन में यादों के रूप में अमर रहते हैं । उनका शरीर भले ही हमारे बीच न हो पर उनके विचार और कार्य सदा हमारा मार्ग दर्शन करते हैं । वे एक ऐसे पारस की भांति थे जो अपने संपर्क में आने वाली प्रत्येक वस्तु को सवर्ण बनाने का सामर्थ्य रखते थे। जो भी उनके संपर्क में आता उनसे प्रभावित होकर उनके रंग में रंग जाता था। वे ज्ञान के पुंज थे । वे हर समय नया सीखने का प्रयास करते और अपने आप को समय के अनुसार अप टू डेट रखते । वे बच्चो को सदा पुरूषार्थ और अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित करते उनसे प्यार करते । उनका मानना था कि प्रत्येक बच्चा प्रतिभाशाली है व उसकी प्रतिभा को निखार कर विकसित करना शिक्षक का कर्तव्य है।

जो मार्ग हमें दिखाया हम उस पर चलते हुए और उनका अनुकरण करते हुए उनकी 31वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन भेंट करते हैं । – योगेश गुप्ता ( एडीटर )💐💐