फगवाड़ा(लाली दादर)
* रागी भाई बलविंद्र सिंह ने संगत को गुरु इतिहास से जोड़ा
28 नवंबर : हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस गुरुद्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब लहिंदी पट्टी गांव साहनी में बड़ी श्रद्धा सहित मनाया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा समूह संगत के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के पश्चात हैड ग्रंथी भाई कुलदीप सिंह ने सरबत के भले और सिख पंथ की चढ़दी कला के लिए अरदास की। तत्पश्चात रागी भाई बलविंद्र सिंह व साथी जगजीतपुर वालों ने कथा कीर्तन श्रवण करवाया तथा गुरु इतिहास के साथ जोड़ा। कमेटी अध्यक्ष सतनाम सिंह काहलों व सचिव बहादुर सिंह ने कहा कि सिख पंथ का स्वर्णिम इतिहास शहादतों से भरा हुआ है। गुरुओं ने हमेशा जबर-जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने का संदेश दिया है। नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने संगत को गुरु साहिब के दर्शाये मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित किया। गुरु घर का लंगर अटूट बरताया गया। इस अवसर पर गुरदयाल सिंह, जत्थेदार रणजीत सिंह राणा, बीबी रजिंदर कौर, सुखविंद्र कौर के अलावा गांववासी उपस्थित थे।
तस्वीर 001, कैप्शन : गांव साहनी में शहीदी दिवस को समर्पित धार्मिक समारोह के दौरान कीर्तन करते हुए रागी भाई बलविंदर सिंह का जत्था एवं (नीचे) उपस्थित श्रद्धालुगण।








