जुगियाल जुगियाल 16 मई( कमल कृष्ण हैप्पी)
: अब जिला पठानकोट के किसान व निवासी इजरायली सेब की फसल को भी उगा सकेगें, जिसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र घोह में इजरायली सेब के पौधे पर सेब लगना शुरू हो चुके है, जिसके लिए उनके कृषि विज्ञान केंद्र घोह के कृषि विशेषज्ञों, फल विशेषज्ञों व अन्य बैज्ञानिकों ने इस प्रयोग में सफलता हासिल की है। यह जानकारी देते हुए, कृषि विज्ञान केंद्र घोह में तैनात पौधों की माहिर डॉक्टर मनु त्यागी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र घोह के फार्म हाउस में इजरायली सेब के पेड़ों पर सेब लगने शुरू हो चुके हैं, जिसमें आना, गोल्डन डपसट, हरिमन व अनय किस्म के सेब के पौधे लगा रखे हैं। डॉ. मनु त्यागी ने बताया कि सेब के पौधों पर फरवरी के आखिर में फूल लगना शुरू हो जाते है और जून के आखिर में सेब पक कर तैयार हो जाता है, जिसको बाजार में बेचने के लिए ले जाया जाता है। उन्होंने बताया कि इन सेब के एक पौधों पर 25 से तीस किलोग्राम सेब लगते हैं। सेब के पौधों की कटाई दिसंबर या जनवरी में कर दी जानी चाहिए। उन्होंने साथ में कहा कि सेब की फसल पहाड़ी फसल है, जबकि अन्ना, गोल्डन डबसट और हरीमन यह सेब की किसम गर्मी वाले प्रदेशों में भी हो सकते हैं। उन्होंने किसानों को बताया कि यह किस्म इजरायल देश की है तथा क इजरायल देश में गर्मी बहुत होती है, इसलिए यह सेब के पौधे चालीस डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भी सेब दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना ने सेब की पैदावार बड़े पैमाने पर नहीं करने को कहा है, क्योंकि यहां का तापमान इस फसल के अनुकुल नहीं होता है। इस फसल को अपनी घरेलू बगीची में, पौधे लगाकर गर्मियों में सेब का स्वाद ले सकते है तथा इस सेब की किस्म में रस और मिठास पूरी होती है।
कमल कृष्ण हैप्पी।
फ़ोटो 1 कृषि विज्ञान केंद्र घोह मे डा मनु त्यागी जानकारी देते हुए।








