Prime Punjab Times

Latest news
ਸਰਹੱਦੀ ਖੇਤਰ ਕਲਾਨੌਰ ਦੇ ਨਿੱਜੀ ਹਸਪਤਾਲ ’ਚ ਧਮਾਕਾ, ਐਸਐਸਪੀ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵਲੋਂ ਸ.ਬਹਾਦਰ ਅਮੀਂ ਚੰਦ ਸੋਨੀ ਆਰਮਡ ਫੋਰਸਿਸ ਪ੍ਰੈਪਰੇਟਰੀ ਸੰਸਥਾ ਬਜਵਾੜਾ ਨੂੰ ਜਲਦ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਦੀ ਲ... ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਸ਼ਾਮਚੁਰਾਸੀ ਦੀ ਹਦੂਦ ਅੰਦਰ 14 ਜੂਨ ਤੱਕ ਹਥਿਆਰ ਲੈ ਕੇ ਚੱਲਣ 'ਤੇ ਪੂਰਨ ਪਾਬੰਦੀ ਚੋਣਾਂ 'ਚ ਜਿੱਤੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦੇ ਪਤੀ ਭੁਲਾ ਰਾਣਾ ਤੇ ਜਾਨ+ਲੇਵਾ ਹ+ਮ+ਲਾ... ਸ਼ਹੀਦ ਏਐਸਆਈ ਜੋਗਾ ਸਿੰਘ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਬੀਜੇਪੀ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕੀਤਾ ਦੁੱਖ ਸਾਂਝਾ KMS ਕਾਲਜ ਵੱਲੋਂ “ਡਾ. ਸ਼ਬਨਮ ਕੌਰ ਮੈਮੋਰੀਅਲ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਅਵਾਰਡ” ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਐਚ.ਪੀ.ਵੀ. ਟੀਕਾਕਰਨ ਮੁਹਿੰਮ ’ਚ 90 ਦਿਨ ਦਾ ਵਿਸਥਾਰ, ਮਾਪੇ ਬੇਟੀਆਂ ਦਾ ਟੀਕਾਕਰਨ ਜ਼ਰੂਰ ਕਰਵਾਉਣ : ਆਸ਼ਿਕਾ ਜੈਨ *DAV ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ ਗੜਦੀਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਮਾਪੇ ਅਧਿਆਪਕ ਮਿਲਣੀ ਕਰਵਾਈ ਗਈ* ਸ਼ਹੀਦ ਏਐਸਆਈ ਜੋਗਾ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਡੀਜੀਪੀ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ, ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਹਰ ਸੰਭਵ ਸਹਾਇਤਾ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਸੂਹਾ ਦੇ 15 ਵਾਰਡਾਂ ‘ਚੋਂ 13 ਵਾਰਡਾਂ ‘ਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਅਤੇ 2 ਵਾਰਡਾਂ ‘ਚ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰ ਰਹੇ ਜੇਤੂ
ADVERTISEMENT
You are currently viewing इज़रायली सेब उगेगा जिला पठानकोट में

इज़रायली सेब उगेगा जिला पठानकोट में

जुगियाल जुगियाल 16 मई( कमल कृष्ण हैप्पी) 

: अब जिला पठानकोट के किसान व निवासी इजरायली सेब की फसल को भी उगा सकेगें, जिसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र घोह में इजरायली सेब के पौधे पर सेब लगना शुरू हो चुके है, जिसके लिए उनके कृषि विज्ञान केंद्र घोह के कृषि विशेषज्ञों, फल विशेषज्ञों व अन्य बैज्ञानिकों ने इस प्रयोग में सफलता हासिल की है। यह जानकारी देते हुए, कृषि विज्ञान केंद्र घोह में तैनात पौधों की माहिर डॉक्टर मनु त्यागी ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र घोह के फार्म हाउस में इजरायली सेब के पेड़ों पर सेब लगने शुरू हो चुके हैं, जिसमें आना, गोल्डन डपसट, हरिमन व अनय किस्म के सेब के पौधे लगा रखे हैं। डॉ. मनु त्यागी ने बताया कि सेब के पौधों पर फरवरी के आखिर में फूल लगना शुरू हो जाते है और जून के आखिर में सेब पक कर तैयार हो जाता है, जिसको बाजार में बेचने के लिए ले जाया जाता है। उन्होंने बताया कि इन सेब के एक पौधों पर 25 से तीस किलोग्राम सेब लगते हैं। सेब के पौधों की कटाई दिसंबर या जनवरी में कर दी जानी चाहिए। उन्होंने साथ में कहा कि सेब की फसल पहाड़ी फसल है, जबकि अन्ना, गोल्डन डबसट और हरीमन यह सेब की किसम गर्मी वाले प्रदेशों में भी हो सकते हैं। उन्होंने किसानों को बताया कि यह किस्म इजरायल देश की है तथा क इजरायल देश में गर्मी बहुत होती है, इसलिए यह सेब के पौधे चालीस डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भी सेब दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना ने सेब की पैदावार बड़े पैमाने पर नहीं करने को कहा है, क्योंकि यहां का तापमान इस फसल के अनुकुल नहीं होता है। इस फसल को अपनी घरेलू बगीची में, पौधे लगाकर गर्मियों में सेब का स्वाद ले सकते है तथा इस सेब की किस्म में रस और मिठास पूरी होती है।
कमल कृष्ण हैप्पी।

फ़ोटो 1 कृषि विज्ञान केंद्र घोह मे डा मनु त्यागी जानकारी देते हुए।

error: copy content is like crime its probhihated