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उज्वल भविष्य लिए अमेरिका निकले साहिब सिंह को फिरौती न मिलने कारण डोकरों ने मौ+त के घाट उतारा

दसूहा 1 नवंबर (चौधरी) 

साहिब सिंह दो बहनों का इकलौता भाई तथा मां-बाप का इकलौता बेटा था

: डोंकी से अमेरिका जाने का सपना दसूहा के युवक की जिंदगी निगल गया। परिजनों को मौ+त की खबर ने तोड़ा तथा आखिरी उम्मीद भी टूटती नजर आई। परिजनों का रो रो कर हुआ बुरा हाल परिवार में मातम छा गया। दसूहा अधीन गांव मोरिया का युवक साहिब सिंह आयु लगभग 22 वर्ष पुत्र सुच्चा सिंह दो बहनों का भाई, मां-बाप का इकलौता बेटा अपने अच्छे भविष्य की तलाश में अमरीका को लगभग 11 माह पहले निकला जिसे डोंकरों द्वारा मौ+त के घाट उतार दिया गया। इस संबंधी साहिब सिंह के पिता सुच्चा सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी सारी जमीन , घर के जेवर बेचकर तथा कर्ज उठाकर उसे अमरीका के लिए भेजा था। जब वह गोवाटा माला नजदीक पहुंचे तो वहां पर उन्हें और अन्य नौजवानों को मानव तस्करों ने पकड़ लिया इनकी मारपीट की वीडियो भेजी गई ताकि फिरौती मिल सके। पैसे ना मिलने के कारण उन्होंने साहिब और उसके साथ अन्य नौजवान युवराज जो हरियाणा से संबंधित था उसकी हत्या कर दी।वहीं परिवार का कहना है कि कुल 45 लाख रुपए हमने एजेंटों को दिए पर उन्होंने हमें धोखा दिया क्योंकि एजेंटों ने हमें कहा था कि एक नंबर में साहिब को अमरीका पहुंचाएंगे।साहिब सिंह का परिवार मोरीया गांव से आकर लंबे समय से गांव राघोवाल में रह रहा है तथा इसके दादा गांव मोरीयां के नंबरदार है।