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राजस्थान का कच्ची घोड़ी अलगोजा नृत्य लोगों को कर रहा आकर्षित

राजस्थान का कच्ची घोड़ी अलगोजा नृत्य लोगों को कर रहा आकर्षित
– कलाकार 945 साल पुराने नृत्य के माध्यम से लोगों को राजस्थान की संस्कृति से  करवा रहे हैं अवगत

– क्राफ्ट्स बाजार में विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने दूर दराज से आ रहे हैं लोग

होशियारपुर, 28 मार्च(ब्यूरो) : जिला प्रशासन द्वारा लाजवंती स्टेडियम में करवाए जा रहे क्राफ्ट्स बाजार में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के नेतृत्व में अलग-अलग राज्यों के कलाकार अपनी कला के माध्यम से लोगों को देश की महान संस्कृति से अवगत करवा रहे हैं। आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजस्थान का कच्ची घोड़ी अलगोजा नृत्य लोगों का आकर्षित कर रहा है। जानकारी देते हुए प्रोग्राम अधिकारी रतन लाल जाट बताते हैं कि वीर तेजा जी महाराज आराध्य देव थे। उनकी याद में सावन भादो में जो मेले लगते हैं उनमें यह नृत्य किया जाता है। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि जिस किसी को सांप डस लेता है उसका झाड़ा इसी से लोग करते हैं तथा देव की आराधना करते हैं, जिससे जहर निकल जाता है। उन्होंने बताया कि वहां लोग मेडिकल इलाज की बजाए इसीको प्राथमिकता देते हैं।
प्रोग्राम अधिकारी ने बताते हैं कि यह प्राचीन परंपरागत लोक नृत्य 945 साल पुराना है तथा पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि हमने अपने बाप दादा से इस नृत्य को सीखा है, इसमें 8 लोग भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि यह कला लेकिन उनकी रोजी-रोटी का साधन नहीं है इस नृत्य से किसान जुड़े हैं, जो कृषि कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि हम केवल पारंपरिक संस्कृति की संभाल के लिए इस नृत्य को आगे बढ़ा रहे हैं तथा उन्हें उत्तर क्षेत्र कल्चरल केंद्र पटियाला द्वारा अलग-अलग भागो में इस नृत्य को प्रदर्शित करने का मौका दिया जाता है, जो नवंबर से मार्च तक होते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा दी गई सुविधाओं के लिए जिलाधीश अपनीत रियात तथा ए.डी.सी हिमांशु जैन का विशेष आभार व्यक्त किया।